उमरिया। चंदिया में कथित तौर पर करीब 60 किलो चांदी मिलने और उसके बाद गायब होने का मामला सामने आने से पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। चंदिया निवासी शिकायतकर्ता प्रमोद तिवारी ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन और पुलिस अधीक्षक उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और सीबीआई जांच की मांग की है।
प्रमोद तिवारी की शिकायत के अनुसार, घटना अक्टूबर माह की एक रात की बताई गई है। आरोप है कि तत्कालीन चंदिया थाना प्रभारी ज्योति शुक्ला अपने पति अनुभव शुक्ला के साथ नगर भ्रमण पर थीं। इसी दौरान नायरा पेट्रोल पंप के पास यूपी नंबर की एक संदिग्ध बोलेरो दिखाई दी। पुलिस वाहन को देखते ही बोलेरो में सवार लोग कथित तौर पर मौके से भाग गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद अनुभव शुक्ला ने बोलेरो का कांच तोड़कर वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में करीब 60 किलो चांदी होने की बात सामने आई। आरोप के मुताबिक, चांदी को वाहन से निकालकर बोलेरो को चंदिया थाने लाया गया।
मामले में सबसे बड़ा सवाल शिकायतकर्ता ने यह उठाया है कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में चांदी बरामद हुई थी तो उसकी विधिवत जब्ती, पंचनामा और मालखाने में जमा कराने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। प्रमोद तिवारी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वरिष्ठ अधिकारियों को बाद में वाहन से केवल मामूली सामग्री मिलने की जानकारी दी गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संदिग्ध बोलेरो सवारों को पकड़कर पूछताछ की जाती तो चांदी की कथित तस्करी या चोरी से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी सामने आ सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए यह भी सवाल उठाया है कि आखिर कथित बरामद चांदी का रिकॉर्ड कहां है और वह सरकारी जब्ती में क्यों दिखाई नहीं देती।
प्रमोद तिवारी ने मुख्यमंत्री और एसपी से मांग की है कि मामले की स्थानीय स्तर के बजाय स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।