---Advertisement---

आदिवासी छात्राओं की छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में देरी, 28 जुलाई से आमरण अनशन की चेतावनी

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

Updated on:

---Advertisement---

आदिवासी छात्राओं की छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में देरी, 28 जुलाई से आमरण अनशन की चेतावनी

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर, बिरसिंहपुर पाली में आदिवासी छात्राओं की छात्रवृत्ति, पुस्तक क्रय हेतु दी गई राशि तथा अन्य शासकीय मदों में कथित अनियमितताओं की जांच में हो रही देरी को लेकर मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार विश्वकर्मा एवं अधिवक्ता संघ पाली के सह सचिव बसंत कुमार तिवारी ने जिला कलेक्टर उमरिया को लिखित सूचना देकर 28 जुलाई 2026 से बिरसिंहपुर पाली के अंबेडकर चौक में आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की है।

IMG 20260712 WA0058 News E 7 Live

कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर की तत्कालीन प्राचार्य श्रीमती सरिता जैन के कार्यकाल के दौरान आदिवासी छात्राओं के खातों में शासन द्वारा भेजी गई छात्रवृत्ति, पुस्तक क्रय के लिए प्रदान की गई राशि तथा अन्य शासकीय धनराशि छात्राओं से वापस लिए जाने की गंभीर शिकायत सामने आई थी। शिकायत के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा आदेश क्रमांक 553, दिनांक 29 मई 2026 के तहत तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जांच पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि लगभग 60 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक किया गया और न ही कथित दोषियों के विरुद्ध किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई की गई। इससे पूरे मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन्हें जानकारी मिली है कि परिसर में अध्ययनरत कई छात्राओं के पास आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि शासन द्वारा पुस्तक खरीदने के लिए राशि उपलब्ध कराई गई थी। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह न केवल शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि आदिवासी छात्राओं के शिक्षा के अधिकार और शासन की छात्र कल्याण योजनाओं पर भी गंभीर प्रभाव डालने वाला विषय होगा।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने मामले की प्रगति जानने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत भी जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में संबंधित विभाग ने केवल इतना बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब जांच 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश थे, तब दो महीने से अधिक समय तक जांच लंबित रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

इसी कारण उन्होंने प्रशासन को पूर्व सूचना देते हुए कहा है कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे 28 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से अंबेडकर चौक, बिरसिंहपुर पाली में आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में किया जाएगा और इसका उद्देश्य आदिवासी छात्राओं के अधिकारों की रक्षा करना तथा शासकीय योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।

अनशन की सूचना में आंदोलनकारियों ने प्रशासन के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें गठित जांच दल से तत्काल जांच पूरी कर प्रतिवेदन सार्वजनिक करने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई करने, छात्राओं से कथित रूप से वापस ली गई छात्रवृत्ति, पुस्तक क्रय राशि एवं अन्य शासकीय धनराशि लौटाने, सभी छात्राओं को आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।

पत्र के अंत में आंदोलनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और 28 जुलाई से प्रस्तावित आमरण अनशन के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस मामले ने एक बार फिर छात्रवृत्ति वितरण, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि वह जांच को कितनी शीघ्रता से पूरा कर दोषियों के विरुद्ध कदम उठाता है या फिर मामला आंदोलन के जरिए और अधिक तूल पकड़ता है।

Tapas Gupta

Tapas Gupta

मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

---Advertisement---
यह भी पढ़ें मझौली पुलिस की प्रभावी कार्यवाही : राजमार्ग पर चक्का जाम कर यातायात बाधित करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध
मझौली पुलिस की प्रभावी कार्यवाही : राजमार्ग पर चक्का जाम कर यातायात बाधित करने वाले आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध

संवाददाता-:अनिल शर्मा सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक...

Share & Earn