सवारी बनकर बैठे, जंगल ले जाकर लूटा ,हाईवे वारदात में आरोपी को 5 साल की सजा
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में हाईवे पर चालक से लूट की वारदात के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है। यह घटना उस समय हुई थी जब बुकिंग के बहाने सवारी बने युवकों ने चालक को धमकाकर कार, मोबाइल और पर्स लूट लिया था। अदालत के इस निर्णय को जिले में अपराध के खिलाफ कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मीडिया प्रभारी (अभियोजन) नीरज पाण्डेय के अनुसार, फरियादी दुर्गेश यादव वाहन मालिक सोनेलाल यादव की अर्टिगा कार चलाता है। 1 फरवरी 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे वाहन मालिक ने उसे फोन कर कटनी जाने की बुकिंग की जानकारी दी और एक मोबाइल नंबर साझा किया। निर्देश मिलने पर दुर्गेश सिंगल टोला से गाड़ी लेकर भरौला पहुंचा और संपर्क करने पर उसे सिद्ध बाबा मंदिर के पास बुलाया गया।
मंदिर के पास दो युवक खड़े मिले, जिन्हें दुर्गेश ने सवारी समझकर गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूरी तय करने के बाद एक युवक ने अचानक पेचकस निकालकर दुर्गेश को डराया और गाड़ी दूसरे साथी को चलाने के लिए मजबूर किया। जान का खतरा देखते हुए चालक ने वाहन सौंप दिया। इसके बाद आरोपी उसे जोगिन के जंगल की ओर ले गए, जहां मारपीट कर नीचे उतार दिया और कार, वीवो कंपनी का मोबाइल, पर्स, आधार कार्ड और नकदी लेकर फरार हो गए। लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली उमरिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सिविल लाइन चौकी प्रभारी बृजकिशोर गर्ग ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाकर आरोपी शिवम उर्फ शिब्बू यादव को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ नीरज पाण्डेय ने प्रभावी पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार अग्रवाल ने आरोपी को बीएनएस की धारा 309(6) के तहत पांच वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई, साथ ही अन्य धाराओं में भी दंडित किया। फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सड़क पर अपराध करने वालों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार मजबूत हो रहा है।
