यूजीसी के विरोध में अखिल भारतीय सर्व समाज आया सड़कों पर
महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार मझौली को सौंपा ज्ञापन
Sanjay.singh.majhauli
जिले के तहसील क्षेत्र मझौली अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)एवं केंद्र सरकार के हालिया निर्णय के विरोध में अखिल भारतीय सर्व समाज मझौली सड़कों पर विरोध जताते हुए रैली के साथ तहसील कार्यालय मझौली पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार मझौली को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि देश के छात्र/ शिक्षक/शैक्षणिक समुदाय के सदस्य एवं आम सर्व समाज नागरिक–विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एवं केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णयों से अत्यंत चिंतित एवं आहत हैं।ये निर्णय उच्च शिक्षा की गुणवत्ता,समान अवसर तथा छात्र हितों के प्रतिकूल प्रतीत होते हैं।यूजीसी द्वारा लागू किया जा रहे हैं नियम/नीतियां न केवल छात्रों पर अनावश्यक शैक्षणिक एवं मानसिक दबाव उत्पन्न कर रही हैं बल्कि शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता और शिक्षा की मूल भावना को भी प्रभावित कर रही हैं साथ ही जाति संप्रदाय में संघर्ष को बढ़ावा देने वाला है विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर इन निर्णयों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।ज्ञापन दाताओं ने महामहिम को संबोधित करते हुए कहा कि हम लोगों का मानना है कि शिक्षा केवल नीति या आंकड़ों का विषय नहीं है बल्कि यह देश के भविष्य का निर्माण करती है।ऐसे में यूजीसी द्वारा लिए गए निर्णयों पर पुनर्विचार अत्यंत आवश्यक है ताकि छात्रों और शिक्षकों एवं आम जन के हितों की रक्षा की जा सके।
अतः मांग की गई है कि इस विषय में हस्ताक्षेप करते हुए यूजीसी एवं केंद्र सरकार को निर्देशित करें कि वह अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करे तथा छत्र हितैसी और व्यवहारिक नीतियां लागू करे।महामहिम के ऊपर भरोसा जताते हुए कहा गया है कि आप जैसे संवैधानिक पद पर आसीन महानुभाव से हमें न्याय एवं सकारात्मक पहल की आशा है।विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन देने वालों में छात्र/शिक्षक/शैक्षणिक एवं आम सर्वहारा समाज उपखंड मझौली जिला सीधी (मध्य प्रदेश) सामिल रहे।
इनका कहना
यूजीसी का नियम महाविद्यालय में वर्ग संघर्ष पैदा करेगा एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता,समान अवसर तथा छात्र हितों के प्रतिकूल प्रतीत होते हैं जिसके विरोध में ज्ञापन दिए हैं और केंद्र सरकार से मांग है कि इसे वापस लिया जाए।
छात्र-छात्राएं महाविद्यालय मझौली
शिक्षा केवल नीति या आंकड़ों का विषय नहीं है बल्कि यह देश के भविष्य का निर्माण करती है। ऐसे में यूजीसी द्वारा लिए गए निर्णय पर पुनर्विचार अत्यंत आवश्यक है ताकि छात्रों और शिक्षकों एवं आम जन की रक्षा की जा सके।
सर्व समाज मझौली
यूजीसी के विरोध में ज्ञापन दिया गया है जिसे उचित माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय तक पहुंचाया जाएगा।
दिलीप सिंह तहसीलदार मझौली
