अम्बेडकर जयंती रैली के बाद भड़की हिंसा, अमिलिया थाने पर पथराव, तोड़फोड़,4 आरोपी गिरफ्तार, भारी पुलिस बल तैनात
जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर निकाली गई रैली के बाद हालात अचानक बिगड़ गए और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उग्र भीड़ ने थाने पर ही हमला बोल दिया। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अब क्षेत्र में शांति बहाल है और 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
क्या हुआ था पूरा घटनाक्रम?
दरअसल घटना के दिन यानी 14 अप्रैल को अमिलिया बाजार से हटवा सभा स्थल तक अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में रैली निकाली जा रही थी। रैली जब अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास पहुंची, तभी सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो वाहन के कारण जाम जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान बोलेरो चालक और रैली में शामिल कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर किसी तरह विवाद शांत कराया और रैली को आगे बढ़ा दिया।
लेकिन यह मामला यहीं शांत नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद करीब 50 से 60 लोगों की भीड़ अमिलिया थाने पहुंच गई। भीड़ दूसरे पक्ष के लोगों को उनके हवाले करने की मांग कर रही थी। पुलिस द्वारा समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और थाने पर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने लाठी-डंडों से थाने के अंदर घुसकर फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए। इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरों और उनके तारों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इस घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद उपद्रवी अपनी 11 मोटरसाइकिलें और एक बोलेरो वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
जहा पुलिस ने मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर पिकेट लगाए गए हैं और लगातार गश्त जारी है।
वही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

