सीधी में ‘जयंती’ पर बवाल: अमिलिया में घर पर हमला, फिर थाने पर धावा टीआई से मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़, 50 नकाबपोशों से शुरू हुई हिंसा ने लिया विकराल रूप
मध्य प्रदेश के सीधी जिला में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर हालात पूरी तरह बेकाबू होते नजर आए। अमिलिया क्षेत्र में शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है, जहां भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है।
पूरा घटनाक्रम रैली शुरू होने के साथ ही विवाद में बदल गया। जानकारी के मुताबिक, अमिलिया में करीब 50 नकाबपोश लोग एक घर के बाहर पहुंचे और पहले बोलेरो वाहन में तोड़फोड़ की। इसके बाद हमलावर घर में घुस गए और एक ही परिवार के कई लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट की।
इस हमले में मनी शुक्ला (22 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि रमाकांत शुक्ला (लगभग 80 वर्ष), अर्चना शुक्ला (40 वर्ष) और उनकी पुत्री दिव्यांश शुक्ला (22 वर्ष) भी घायल हुईं। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी नहीं बख्शा गया और घर में जमकर तोड़फोड़ की गई।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने भीम आर्मी से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं को घेरकर उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और तनाव पूरे क्षेत्र में फैल गया।
मामला यहीं नहीं थमा—बताया जा रहा है कि इसके बाद भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता थाने पहुंच गए, जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। थाना परिसर में तोड़फोड़ की गई, बाहर खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और थाना प्रभारी के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमिलिया थाना सहित कमर्जी थाना, बहरी थाना और सिहावल चौकी की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल मौजूद है और लगातार गश्त की जा रही है।
एहतियातन अमिलिया का पूरा बाजार बंद करा दिया गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, वहीं कई लोगों के घायल होने की भी खबर है। हालात अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं बताए जा रहे हैं, हालांकि प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है।
अब तक किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है। पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक जयंती जैसे आयोजन में इतना बड़ा विवाद कैसे भड़क गया।

