बांधवगढ़ में होगा वन विभाग के श्वान दलों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, वन्यजीव अपराध जांच होगी और मजबूत
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 16 से 22 जुलाई तक मध्यप्रदेश वन विभाग के श्वान दलों का सात दिवसीय राज्य स्तरीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण एवं वार्षिक समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ताला स्थित वन विद्यालय में होने वाले इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों से 13 श्वान दल भाग लेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कान्हा, पन्ना, पेंच, सतपुड़ा, संजय टाइगर रिजर्व, वीरांगना दुर्गावती, माधव, गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य सहित रीवा, छिंदवाड़ा और बालाघाट के श्वान दल शामिल होंगे। सात दिवसीय प्रशिक्षण को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्वान दलों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान ट्रैकिंग, सेंट डिस्क्रिमिनेशन, सूटकेस सर्च, ऑबीडियंस ड्रिल, मॉक ड्रिल और वन्यजीव अपराधों की जांच से जुड़े कई व्यावहारिक अभ्यास कराए जाएंगे। इसके साथ ही सभी श्वानों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा और प्रत्येक दल अपने अनुभवों एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण भी देगा। मास्टर ट्रेनर्स अपने प्रशिक्षित श्वानों के विशेष प्रदर्शन के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
मध्यप्रदेश वन विभाग ने वर्ष 2010 में श्वान दलों की शुरुआत की थी। वर्तमान में प्रदेश में 18 श्वान दल सक्रिय हैं, जो वन्यजीव अपराधों की जांच, साक्ष्य तलाशने और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब तक ये श्वान दल 185 से अधिक वन्यजीव अपराधों की जांच में सहयोग कर चुके हैं तथा 570 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
प्रशिक्षण का संचालन स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के प्रभारी अधिकारी राजा खरे के निर्देशन में किया जाएगा। वहीं भूतपूर्व बीएसएफ डॉग इंस्ट्रक्टर जसवंत बरमन और वरिष्ठ डॉग हैंडलर कैलाश चरार मास्टर ट्रेनर के रूप में श्वान दलों को आधुनिक ट्रैकिंग, सेंट डिटेक्शन और अपराध अनुसंधान का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।

इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रतिभागियों के आवास, भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा, परिवहन, प्रशिक्षण स्थलों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण श्वान दलों की दक्षता और जांच क्षमता को नई मजबूती देगा। आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित श्वान दल वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, साक्ष्य संग्रह और आरोपियों तक पहुंचने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगे, जिससे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी।


