सोन घड़ियाल प्रतिबंधित क्षेत्र से हो रहा रेत का कारोबार
बीट गार्ड ने विभाग एवं पुलिस पर सहयोग न करने का लगाया आरोप
सदियों से सीधी जिले के दर्जन भर ग्रामों की जीवन रेखा एवं जीवन दायिनी रही बनास नदी का अस्तित्व अवैध रेत उत्खनन के कारण खतरे में पड़ता जा रहा है हद तो तब हो जाती है जब सोन घड़ियाल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र बीट परसिली में भी धड़ल्ले से रेत का कारोबार जेसीबी मशीन एवं हाइवा के माध्यम से हो रहा है जिस पर बीट गार्ड विनीत मिश्रा के द्वारा आरोप लगाया गया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एवं पुलिस का सहयोग न मिलने के कारण इस तरह रेत का कारोबार हो रहा है। अगर इनका सहयोग मिले तो एक ग्राम रेत की निकासी नहीं हो सकती।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक रेत का कारोबार रात में होता है जहां जेसीबी मशीन से उत्खनन कर बड़े-बड़े हाईवे एवं ट्रैक्टरों में रेत लोड होकर परिवहन होता है वहीं परसिली में ही रेत का भंडारण किया जाता है फिर वहां से सप्लाई होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि चमराडोल बैरियर के पास सोन घड़ियाल के बीट गार्ड एवं वन विभाग के बीट गार्ड व डिप्टी रेंजर का आवास रहता है फिर भी पूरी रात रेत का कारोबार होता है।
इतना ही नहीं प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत उत्खनन कर लगभग 1 किलोमीटर वन विभाग की सीमा से निकासी होती है जिस कारण रेत उत्खनन परिवहन बंद करने के लिए दोनों विभाग की जिम्मेदारी होती है।अन्यथा दोनों विभाग पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

रेत उत्खनन से दम तोड़ दिया पड़वारी नदी का अस्तित्व
चमराडोल सहित आधा दर्जन ग्रामों के लिए सिंचाई एवं पशुओं को पानी देने वाली बारहमासी बहने वाली पड़वारी नदी का अस्तित्व रेत उत्खनन से दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के मुताबिक यह नदी बारहमासी बहती थी लेकिन कुछ वर्षों से रेत उत्खनन के कारण दिसंबर जनवरी में ही सूख जाती है जिससे किसानों की फसल सूख जाती है और गर्मी में पशुओं के लिए पानी की भारी समस्या हो जाती है।इतना नहीं जल स्तर भी काफी नीचे चला गया है।यहां से रेत उत्खनन कर जंगल सीमा से निकासी होती है जिस कारण सवाल यहां भी पैदा होता है।
इनका कहना
पड़वारी नदी ठंडी में ही सूख जाती है जबकि पहले बारहमासी बहती थी। रात में वाहनों से रेत उत्खनन परिवहन होता है।
भैया लाल सिंह गोंड स्थानीय ग्रामीण सेमारिहा
हम तो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं जिस कारण अभी उत्खनन स्थल पर आए हैं लेकिन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस का सहयोग नहीं मिलता है जिस कारण रेत का कारोबार हो रहा है।

विनीत मिश्रा बीट गार्ड सोन घड़ियाल बीट परसिली
हम बराबर क्षेत्र में भ्रमण करते हैं परसिली में रेत उत्खनन की जानकारी मिली थी तो कल रात में ही गस्त किए हैं उस समय बीट गार्ड खुद नदारत था। रेत उत्खनन व परिवहन रोकने के लिए बड़ी कार्य योजना बनाई जाएगी और रेत उत्खनन रोकना विभाग की पहली प्राथमिकता है।
कैलाश चंद्र उइके परिक्षेत्र अधिकारी सोन घड़ियाल
जब कभी किसी भी विभाग द्वारा पुलिस की मांग की जाती है तो पुलिस बल उपलब्ध कराया जाता है।अभी कल ही रात में सोन घड़ियाल के अधिकारियों के मांग पर पुलिस बल दिया गया है।
विशाल शर्मा थाना प्रभारी मझौली
