“भालू से बचकर रहें, ग्रुप में तेंदूपत्ता तोड़ें”,जंगल पहुंचे सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने महिलाओं को दिए सुरक्षा मंत्र, योजनाओं का भी बताया लाभ
एमपी के सीधी जिले के ग्राम चौफाल के जंगलों में मंगलवार सुबह उस समय अलग माहौल देखने को मिला, जब डॉ. राजेश मिश्रा अचानक तेंदूपत्ता तोड़ने पहुंचे ग्रामीणों और महिलाओं के बीच पहुंच गए। जंगल के बीच महिलाओं और किशोरियों के साथ बैठकर सांसद ने न सिर्फ तेंदूपत्ता तोड़ा, बल्कि उनकी सुरक्षा, आजीविका और बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी खुलकर चर्चा की।
सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने ग्रामीणों से कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों को सलाह दी कि कभी भी अकेले जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने न जाएं, बल्कि हमेशा समूह बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि चारों तरफ नजर बनाए रखें और यदि भालू या किसी अन्य जंगली जानवर की आहट मिले तो तुरंत सभी लोग एक जगह इकट्ठा हो जाएं। साथ ही जंगल और वन संपदा को नुकसान न पहुंचाने की भी अपील की।
सीधी सांसद ने कहा कि हाल ही में सिंगरौली जिले में तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसलिए वे स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सुरक्षा को लेकर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आपकी सुरक्षा आपके हाथ में है, सतर्क रहकर ही बड़े हादसों से बचा जा सकता है।”
वही इस दौरान सांसद ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एकलव्य योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। टेक्निकल कोर्स करने पर ₹60 हजार तक और बीए-बीएससी जैसे कोर्स करने पर ₹40 हजार तक की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
जहा सांसद ने बोनस योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 दिनों में 1000 गड्डी तेंदूपत्ता जमा करने पर तत्काल ₹4000 बोनस मिलता है और बिक्री के बाद ₹2000 अतिरिक्त बोनस दिया जाता है। यानी मजदूरी के अलावा कुल ₹6000 तक की अतिरिक्त सहायता सरकार दे रही है।
वही जंगल के बीच हुए इस संवाद ने ग्रामीणों में भरोसा और जागरूकता दोनों बढ़ाई। कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी, रामरति सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, प्रभाशंकर शर्मा, हंसराज यादव, बब्बू भुजवा, विनोद यादव, वन विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

