BJP राज्य मंत्री राधा सिंह को नहीं पता,अब तक कितने दिव्यांगों को मिली व्हीलचेयर..?
भाजपा मंत्री के दावे हेडलाइन तक सीमित, ग्रामीण दिव्यांग आज भी योजना लाभ से वंचित…?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ताजा मामला सिंगरौली जिले का है, जहां BJP की राज्य मंत्री राधा सिंह स्वयं यह स्पष्ट नहीं कर सकीं कि अब तक जिले में कितने दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर अथवा अन्य सहायक उपकरणों का लाभ मिला है।
शुक्रवार को सिंगरौली जिले के अटल सामुदायिक भवन, बिलौजी में समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र, छतरपुर द्वारा आयोजित “पर्पल फेयर कार्यक्रम में मंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की।
मंच से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी प्रतिभा को आगे लाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की बातें तो की गईं, लेकिन योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों के आंकड़ों पर चुप्पी छाई रही,कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री राधा सिंह, सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, BJP जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
पर्पल फेयर जैसे आयोजनों को मंच से दिव्यांगजनों के लिए “मील का पत्थर” बताया गया, लेकिन सवाल यह है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद दिव्यांग आज भी व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल और अन्य सहायक उपकरणों के लिए दफ्तरों के चक्कर क्यों काट रहे हैं? कई प्रभावित दिव्यांगजनों का कहना है कि योजनाओं की जानकारी तो दी जाती है, लेकिन लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता।
