चोभरा में 25 एकड़ शासकीय जमीन पर घमासान,फर्जीवाड़े के आरोप, बिक्री की कहानी और फसल को लेकर आमने-सामने आए पक्ष
एमपी के सीधी जिले की रामपुर नैकिन तहसील के ग्राम चोभरा दिग्विजय सिंह में शासकीय जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब 25 एकड़ भूमि पर स्वामित्व को लेकर कई पक्ष आमने-सामने हैं, जहां एक ओर धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने और बेचने के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद को वैध मालिक बताने वाले पक्ष भी सामने आए हैं। मामला अब तहसीलदार और थाना स्तर तक पहुंच चुका है।
जहा पीड़ित अविगत सिंह का आरोप है कि वर्ष 1990-92 और उससे पहले यह जमीन मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज थी। लेकिन शेषमणि मिश्रा ने कथित रूप से राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली और बाद में अविनाश कुमार शर्मा सहित अन्य लोगों को बेच दी। उनका कहना है कि इस जमीन पर लंबे समय से आदिवासी परिवार निवास कर रहे हैं, जिनके लिए प्रधानमंत्री आवास भी स्वीकृत और निर्मित हुए हैं, बावजूद इसके अब उन्हें बेदखल करने की कोशिश हो रही है।
उसी गांव के भूरा कोल ने बताया, “हम पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, हमारा प्रधानमंत्री आवास भी इसी जमीन पर बना है। पहले यह जमीन शासन के नाम थी, लेकिन अचानक किसी और के नाम हो गई। अब हमें घर खाली करने की धमकी दी जा रही है, हम कहां जाएंगे?”
वहीं अब लाल बहादुर सिंह ने कहा, “हमने जमीन खरीदी थी, लेकिन अब खसरा-नक्शा किसी और के नाम हो गया है। पास की शासकीय जमीन को भी मिलीभगत कर अविनाश कुमार शर्मा के नाम कर दिया गया है। विरोध करने पर हमें झूठे केस में फंसाने की धमकी मिल रही है।”
वही दूसरी ओर शेषमणि मिश्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “यह जमीन मेरे पिताजी के नाम थी, जिसे उन्होंने मुझे सौंपा था। मैं पिछले 25 सालों से इस जमीन पर खेती कर रहा हूं। कुछ सालों से मुझे पैसों की जरूरत थी, इसलिए मैंने अवनीश शर्मा से उधार लिया। जब रकम ज्यादा हो गई तो मैंने जमीन उन्हें बेच दी। इसमें कोई धोखाधड़ी नहीं है।”
यह मामला अब और भी उलझ गया है क्योंकि दोनों पक्ष यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ही खेत में फसल बोई है और एक-दूसरे पर फसल काटने की धमकी देने का आरोप लगा रहे हैं। इसको लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
वही तहसीलदार आशीष मिश्रा ने कहा कि यदि शासकीय भूमि को गलत तरीके से निजी नाम पर दर्ज कराया गया है तो यह गंभीर अपराध है। उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं थाना प्रभारी स्तर पर भी मामले की जानकारी पहुंच चुकी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

