जिलेवासियों की उम्मीदों का नया चेहरा बनीं कलेक्टर राखी सहाय
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले को अब एक ऐसे नेतृत्व की सौगात मिली है, जिससे प्रशासन में नई ऊर्जा और भरोसे का संचार होने की उम्मीद है। नवागत कलेक्टर राखी सहाय अपने सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और जनता से सीधे संवाद की कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उनके आगमन से जिले में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनहित आधारित प्रशासन को नई दिशा मिलने के संकेत मिल रहे हैं।
वर्ष 2015 बैच की आईएएस अधिकारी राखी सहाय का प्रशासनिक अनुभव व्यापक और विविध रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2000 में उज्जैन से डिप्टी कलेक्टर के रूप में की थी। इसके बाद इंदौर, उज्जैन, खंडवा, मुरैना और खरगोन जैसे जिलों में एसडीएम, एडीएम और अतिरिक्त कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का सफल निर्वहन किया। उनके कार्यों ने उन्हें एक भरोसेमंद और कुशल प्रशासक के रूप में पहचान दिलाई है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। केन्द्रीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नूतन कॉलेज, भोपाल से स्नातक और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मार्केटिंग में एमबीए किया। वर्ष 1998 में वे राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में टॉपर भी रहीं। इतना ही नहीं, खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंडर-19 बास्केटबॉल में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने मध्यप्रदेश वित्तीय निगम, इंदौर में प्रबंध संचालक और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर में सचिव जैसे अहम पदों पर भी अपनी सेवाएं दी हैं।
राखी सहाय का मानना है कि प्रशासन का असली मकसद आमजन की समस्याओं को समझना और उनका समय पर समाधान करना है। वे संवाद, सहभागिता और संवेदनशीलता को अपनी कार्यशैली का मूल मानती हैं। उनका लक्ष्य है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिले।
उमरिया में उनके आगमन के साथ ही विकास कार्यों को गति मिलने और प्रशासन के आमजन के और करीब आने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि उनकी कार्यशैली जिले की तस्वीर को किस तरह बदलती है।


