देश की वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने NEWS24 से इस्तीफा देने के करीब 27 दिन बाद सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपने इस्तीफे और पत्रकारिता को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि “देश में ऐसा समय दूर नहीं है, जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी लोग मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाएंगे।” उनके इस बयान ने मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
गरिमा सिंह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ सत्ता से सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि अब वे पहले की तरह स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। यही वजह रही कि उन्होंने NEWS24 से अलग होने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म सत्ता से सवाल पूछना, जनता की आवाज़ को मंच देना और जनहित के मुद्दों को सामने लाना है। यदि पत्रकार स्वतंत्र होकर सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो इसका सीधा असर लोकतंत्र की मजबूती पर पड़ेगा।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। जहां एक वर्ग उनके फैसले का समर्थन कर रहा है, वहीं कुछ लोग इससे अलग राय भी रख रहे हैं। फिलहाल NEWS24 या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आपकी राय क्या है? क्या पत्रकारों को बिना किसी दबाव के सत्ता से सवाल पूछने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

