“कांग्रेस में अपनों से जंग! अजय सिंह राहुल बोले- सरकार बनवाई, लेकिन हमें ही किनारे कर दिया”
“भाजपा से नहीं, अपनी ही पार्टी के लोगों से लड़ाई! अजय सिंह राहुल का बड़ा राजनीतिक बयान”
“कांग्रेस की गुटबाजी पर फूटा अजय सिंह राहुल का दर्द, बोले- मेहनत हमारी, नुकसान भी हमारा”
मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल का बयान चर्चाओं में है। देवास जिले के सोनकच्छ में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे अजय सिंह ने संगठन की अंदरूनी स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आज सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर मौजूद उन प्रवृत्तियों से भी मुकाबला करना पड़ रहा है जो संगठन को कमजोर करती हैं। उनके मुताबिक, कई समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें एकजुट कर पार्टी को फिर से मजबूत बनाने की जरूरत है।
अजय सिंह ने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अपने क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं दे पाए। इसका खामियाजा उन्हें चुनावी हार के रूप में भुगतना पड़ा। उन्होंने संकेतों में कहा कि सरकार बनने के बाद जिस तरह की परिस्थितियां बनीं, उससे उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कार्यकर्ताओं से कहा कि टिकट की चिंता छोड़कर संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि जो नेता और कार्यकर्ता जमीन पर लगातार सक्रिय रहेंगे, उन्हें जनता और पार्टी दोनों पहचान देंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों से वे बिना किसी औपचारिक जिम्मेदारी के प्रदेशभर में दौरे कर रहे हैं, ताकि पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ा जा सके। अजय सिंह ने संकल्प दोहराया कि जब तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनती, तब तक वे न तो माला पहनेंगे और न ही साफा बांधेंगे।
अब उनके इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति के नजरिए से देखा जा रहा है। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाकर संगठन को नई ताकत दे पाएगी, या फिर गुटबाजी की चर्चा आगे भी जारी रहेगी?

