गौशाला के नाम पर दो दर्जन बैगा जनजाति को उजाड़ने की साजिश
क्षेत्रीय विधायक व कलेक्टर जनसुनवाई में ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार
आधा सैकड़ा भूमिहीन लोगों को आशियाना उजड़ने का सता रहा डर
संजय सिंह मझौली
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार द्वारा बैगा जनजाति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए “जन मन” योजना संचालित की गई है जिसके तहत प्रत्येक बैगा परिवार को आवास के साथ-साथ बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ऐसी योजना लागू की गई है वहीं दूसरी तरफ जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौला में गौशाला निर्माण के लिए चिन्हित की गई भूमि जिसमें तीन दशक पूर्व से दर्जन पर बैगा परिवार एवं अन्य आदिवासी परिवार कुल आधा सैकड़ा लोग आबाद हैं उन्हें उजाड़ने की साजिश चल रही है।
क्षेत्रीय विधायक एवं कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
चिन्हित आराजी में तीन दशक पूर्व से आवाद ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक व कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
आवेदक केशव प्रसाद पिता महावीर साहू एवं रामलाल यादव पिता छोटे लाल यादव द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई में 7 अप्रैल 2026 को दिए गए आवेदन में 22 बैगा जनजाति के एवं 6 अगरिया आदिवासी के अलावा लगभग आधा सैकड़ा लोगों के द्वारा हस्ताक्षर युक्त आवेदन पेश किया गया है जिसमें कहा गया है कि ग्राम सिरौला की आराजी नंबर 712 एवं 713 में तत्कालीन ग्राम पंचायत के सरपंच,सचिव एवं हल्का पटवारी के द्वारा गौशाला निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है जबकि उक्त आराजी के चारों तरफ बसाहट है एवं स्कूल और आंगनबाड़ी भी संचालित है।और शिकायतकर्ता दो से तीन दशक पूर्व से आवाद हैं जो पूरी तरह भूमिहीन हैं।
अगर चिन्हित आराजी में गौशाला निर्माण होता है तो वह बेघर हो जाएंगे जबकि ग्राम सिरौला की आराजी नंबर 1802 मध्य प्रदेश शासन दर्ज है वह रोड एवं जंगल से लगी है एवं बारहमासी नाला बहता है एवं वह जमीन बंजर भी है जिसमें कोई कब्जाधारी भी नहीं है।आवेदन में मांग की गई है कि चिन्हित आराजी एवं अन्य आरजी जिसमें सुझाव दिया गया है दोनों की जांच की जाए एवं उपयुक्त स्थान में ही गौशाला का निर्माण किया जाए।
इनका कहना
हम ग्रामीणों द्वारा जिसमें आधा सैकड़ा ग्रामीण हस्ताक्षर किए हैं कलेक्टर जनसुनवाई एवं क्षेत्रीय विधायक के पास आवेदन देकर न्याय की मांग किए हैं कि हम भूमिहीनों के आशियाने को ना उजाड़ा जाए।जिसमें विधायक द्वारा भी आश्वासन दिया गया है और जनसुनवाई में भी।
केशव प्रसाद साहू फरियादी ग्रामीण
जब गांव में पर्याप्त मात्रा में जंगल के किनारे जमीन उपलब्ध है तो बस्ती के बीच में गौशाला प्रस्तावित करना साजिश है। हम गरीब बैगा परिवारों को उजाड़ने की नीयत से इस जमीन को प्रस्तावित किया गया है शासन से न्याय की मांग करते हैं।
सीताराम बैगा ग्रामीण
हम लोग तीन दशक से यहां आवाद हैं इसलिए हम लोगों को जमीन का पट्टा मिलना चाहिए लेकिन उजाड़ने की तैयारी चल रही है जिसमें कुछ लोग बार-बार शिकायत कर गौशाला निर्माण कराना चाहते हैं।
बलिराज बैगा ग्रामीण
जब ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित है कि बस्ती के बाहर जंगल के किनारे आराजी नंबर 1802 में गौशाला बनवाया जाए।पूर्व प्रस्तावित आराजी में उपयुक्त नहीं है।उसका पालन होना चाहिए और हम लोगों को न्याय मिलना चाहिए।
नानदानी बैगा ग्रामीण
अगर पूर्व में गौशाला के लिए प्रस्ताव और जिओ टैग किया गया है तो उस पर ग्राम सभा द्वारा निर्णय लिया गया है कि उपयुक्त जमीन में गौशाला बनवाया जाए चिन्हित जमीन उपयुक्त नहीं है और मैंने भी क्षेत्रीय विधायक से मांग की है कि दोनों जमीन की जांच कर जहां उपयुक्त हो वहां स्वीकृति दें ताकि गौशाला का निर्माण हो सके।
रैना द्विवेदी सरपंच सिरौला

