गुरुवाही में गूंजा हेलीकॉप्टर का शोर, बाघिन की एयर जर्नी की तैयारी शुरू
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
गुरुवाही क्षेत्र आज उस वक्त चर्चा में आ गया, जब इण्डियन एयर फोर्स के एक हेलीकॉप्टर ने यहां सफलतापूर्वक लैंडिंग का ट्रायल किया। अचानक खुले मैदान में उतरे हेलीकॉप्टर को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका कौतूहल और उत्साह से भर गया। यह कोई सामान्य अभ्यास नहीं था, बल्कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व भेजने की महत्वपूर्ण तैयारी का हिस्सा था।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी संतुलन को बनाए रखने और अन्य टाइगर रिजर्व को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बाघिन को ट्रांसलोकेट किया जाना है। इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा सबसे अहम होती है। सड़क मार्ग से ले जाने में समय भी ज्यादा लगता है और जोखिम भी रहता है, इसलिए इस बार एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है।
गुरुवाही में किया गया लैंडिंग ट्रायल इसी योजना की कड़ी था। अधिकारियों ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग, टेकऑफ और आसपास के वातावरण का बारीकी से निरीक्षण किया। ट्रायल के दौरान वन विभाग, जिला प्रशासन और एयर फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे। सभी पहलुओं पर चर्चा की गई, ताकि बाघिन को ले जाते समय किसी तरह की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी दिक्कत न आए।
स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा बिल्कुल नया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने पहली बार इतने करीब से एयर फोर्स का हेलीकॉप्टर देखा। कई लोगों ने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि उनके इलाके को इतनी अहम जिम्मेदारी के लिए चुना गया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सभी तैयारियां पूरी होने के बाद तय तिथि पर बाघिन को बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। यह कदम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और समन्वय से कैसे प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकता है। गुरुवाही की यह लैंडिंग ट्रायल अब आने वाले बड़े मिशन की झलक बन चुकी है।
