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संस्कृत से ही निकले हैं हिंदी और उर्दू जाने कैसे उदाहरण सहित

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Hindi and Urdu originated from Sanskrit:अर्थात के लिए उर्दू का एक शब्द है जिसे यानी और यानि दोनों तरह से लिखा जाता है। इनमें से कौन-सा सही है, यह जानने के लिए आपको किसी शब्दकोश के पन्ने पलटने की ज़रूरत नहीं अगर आपको उर्दू का एक आसान नियम मालूम हो।

Hindi and Urdu originated from Sanskrit: यानि और यानी पर भ्रम का सबसे बड़ा कारण यह है कि नामी-गिरामी साइटों पर भी ग़लत उच्चारण चल रहा है। कुछ शब्दकोशों में भी ग़लत उच्चारण आ गया है।

यानि अरबी मूल का उर्दू शब्द है और इसी कारण यानि सही हो ही नहीं सकता। क्यों नहीं हो सकता? इसलिए कि उर्दू के किसी भी शब्द के अंत में छोटी इ लगती ही नहीं, हमेशा बड़ी ई होती है। इसी तरह उर्दू शब्दों के अंत में छोटा उ भी नहीं लगता।

Hindi and Urdu originated from Sanskrit: यह नियम आप याद रख सकें तो अरबी-फ़ारसी मूल के इ-ईकारांत और उ-ऊकारांत शब्दों की स्पेलिंग को लेकर कभी भ्रम नहीं होगा कि उसके अंत में छोटी इ/छोटा उ होगा या बड़ी ई/बड़ा ऊ। हां, इसके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपके पास उर्दू के अरबी-फ़ारसी मूलक शब्दों को पहचानने की क्षमता हो।

सही है यानी जैसा कि आपको हिंदी-उर्दू के प्रामाणिक शब्दकोशों में मिलेगा

आपको अगर पता हो कि घ, छ, झ, ट, ठ, ड, ढ, ण, थ, ध, भ, ष और ज्ञ की ध्वनियों वाले वर्ण उर्दू (अरबी-फ़ारसी) में नहीं हैं तो आप कुछ शब्दों के मामले में आसानी से पहचान कर सकते हैं। मसलन नफ़रत के बारे में आपको शक हुआ कि यह संस्कृत से आया है या अरबी-फ़ारसी से। तो इसका पर्याय खोजिए।

पर्याय है घृणा। घृणा में घ भी है और ण भी सो यह निश्चित रूप से उर्दू से नहीं आया है। बचा नफ़रत, सो वह उर्दू का शब्द हो सकता है। इसी तरह तमाचा और थप्पड़। चूंकि ‘थ’ उर्दू में नहीं है तो वह उर्दू का हो ही नहीं सकता। यही बात झापड़ की है।

इसी तरह शब्दों में लगने वाले उपसर्ग और प्रत्यय से भी पता लगाया जा सकता है। अब ऊपर आया ‘शक’ शब्द ही लें। शक का पर्याय है संदेह। शक से बनता है बेशक और संदेह से निस्संदेह। यदि आपको पता हो कि ‘बे’ उर्दू का उपसर्ग है और ‘निः’ संस्कृत का तो आसानी से कह सकेंगे कि शक उर्दू का है और संदेह संस्कृत का।

यदि किसी शब्द के शुरू में संयुक्ताक्षर है जैसे क्र, प्र, द्व आदि तो वह उर्दू का शब्द हो ही नहीं सकता। इसमें केवल ख़्व से शुरू होने वाले शब्द अपवाद हैं जैसे ख़्वाब, ख़्वाहिश।

जबड़े पर घोड़े की लात लग गई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

नोट :- हालांकि यह कंटेंट सिर्फ मेरा हो सकता है इस पर अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों की राय जरूर लें। उसके बाद ही इस पर विश्वास करें।

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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