Umaria News:निपानिया पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर गड़बड़ी,सरपंच पति की मनमानी से प्रभावित हो रहा ग्रामीणों का रोजगार
उमरिया तपस गुप्ता(7999276090)
उमरिया जिले के ग्राम पंचायत निपानिया में विकास कार्यों की आड़ में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार की मंशा थी कि ग्रामीण विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोज़गार मिले, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। यहां तालाब निर्माण और ग्रेवल रोड जैसे कार्यों में मजदूरों की बजाय मशीनों का जमकर इस्तेमाल हो रहा है, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों का रोजगार भी छिनता जा रहा है।
गांव के कई निवासियों ने खुलकर आरोप लगाया है कि सरपंच की जगह उनके पति छत्रपाल सिंह पंचायत की पूरी बागडोर संभाल रहे हैं और अपने हिसाब से मनमाने निर्णय ले रहे हैं। सरपंच प्रतिनिधि के रूप में वे खुद को पंच बताकर यह कहने से नहीं चूके कि यहां जिसे पैसा नहीं मिलता, वही आरोप लगाता है। इस बयान से साफ जाहिर होता है कि पंचायत में पारदर्शिता का अभाव है और जनप्रतिनिधि जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी योजना का मूल उद्देश्य ही यह था कि गांवों में मजदूरों को काम देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए, लेकिन यहां पंचायत मशीनों से काम करवा रही है जिससे मजदूरों को काम ही नहीं मिल रहा।
जनपद सदस्य पूजा बैगा ने भी ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया और बताया कि मुझे फोन पर जानकारी दी गई थी कि मशीनों से ही पूरा काम कराया जा रहा है। जब मैंने जिला पंचायत सीईओ से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिशत काम मशीन से हो सकता है, लेकिन यहां तो लगभग पूरा कार्य मशीन से कराया जा रहा है।
इस संबंध में जब जनपद पंचायत सीईओ हरनीत कौर से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई कार्य कंवर्जन के बाहर रातों-रात कराया गया है, तो उसकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारे स्तर से इस तरह की गड़बड़ियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए उपयंत्री से संपर्क किया जा सकता है।
वर्तमान हालातों से स्पष्ट है कि निपानिया पंचायत में सरपंच की निष्क्रियता और उनके पति की कथित दखलंदाजी से न केवल सरकारी नियमों का मखौल उड़ाया जा रहा है, बल्कि ग्रामीणों के हक और रोजगार के अवसर भी छीने जा रहे हैं। सवाल उठता है कि जब जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदारी से भागेंगे तो फिर गांव का विकास कौन सुनिश्चित करेगा?
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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