जबलपुर विधायक अभिलाष पांडे ने किया राज्य स्तरीय मानस गायन प्रतियोगिता का शुभारंभ, बिरासिनी धाम हुआ राममय
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित माँ बिरासिनी मंदिर परिसर में शुक्रवार को भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब जबलपुर के विधायक अभिलाष पांडे ने 35वें वार्षिक महा उत्सव के अंतर्गत आयोजित चतुर्विंशतिः राज्य स्तरीय रामायण मानस गायन प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने भगवान राम की पूजा-अर्चना और माँ बिरासिनी के दर्शन के साथ की, जिसके बाद मंच से प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की गई।

उद्घाटन के अवसर पर विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का आधार है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं। जैसे ही उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

श्री बिरासिनी रामायण कमेटी, बिरसिंहपुर पाली के तत्वावधान में आयोजित यह भव्य धार्मिक आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आई ख्यातिलब्ध मानस मंडलियां भाग ले रही हैं। मंच पर जैसे ही चौपाइयों और दोहों की स्वर लहरियां गूंजीं, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबते नजर आए। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और रामभक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
विधायक अभिलाष पांडे ने अपने संबोधन में आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 34 वर्षों से निरंतर इस परंपरा को जीवित रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उनके इस आश्वासन पर उपस्थित लोगों ने तालियों से स्वागत किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पंडित प्रकाश पालीवाल और समाजसेवी दिलीप खंडेलवाल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसे निरंतर आगे बढ़ाने की बात कही।
35वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह आयोजन अब केवल एक प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि रामभक्तों का ऐसा संगम बन गया है जहां भक्ति, संस्कृति और परंपरा एक साथ जीवंत हो उठती हैं। आने वाले तीन दिनों तक बिरासिनी धाम में राम नाम की गूंज और मानस मंडलियों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराती रहेंगी।
