जैन समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सौंपा ज्ञापन
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बिरसिंहपुर पाली में सकल जैन समाज द्वारा विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में हाल ही में आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद दुर्घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने तथा देशभर में संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की गई।
जैन समाज ने ज्ञापन में कहा कि विहाररत जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, निहत्थे एवं पैदल चलकर तपस्या और धर्म प्रचार करते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं और हमलों की घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। समाज ने आर्यिका माताजी की मृत्यु को केवल सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इंकार करते हुए उपलब्ध वीडियो एवं तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से इस मामले की एसआईटी अथवा न्यायिक जांच कराने, घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही यदि किसी प्रकार की साजिश या सुनियोजित कृत्य सामने आए तो संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
जैन समाज ने विहाररत संतों की सुरक्षा के लिए संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की। इसमें विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहायता, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक तथा हाईवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
इसके अलावा भारत सरकार से राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, पैदल विहार करने वाले संतों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन और एसओपी तैयार करने तथा संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने की मांग भी की गई।
जैन समाज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समाज ने प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा जताई।


