जेब गरम करते ही दो घूसखोर गिरफ्तार, लोकायुक्त ने सचिव और ठेकेदार को रिश्वत लेते पकड़ा
मध्य प्रदेश के उज्जैन में लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जहां लोकायुक्त पुलिस ने पंचायत सचिव और ठेकेदार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा है. यह कार्रवाई कायथा थाना क्षेत्र के बोरदा मंडा पंचायत में की गई. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है.
45 हजार रिश्वत लेते सचिव और ठेकेदार गिरफ्तार
आरोपी पंचायत सचिव और ठेकेदार निर्माण कार्य स्वीकृत करने के एवज में 45 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी. आरोप है कि दोनों आरोपी रिश्वत के 15 हजार पहले ले चुका हैं. सोमवार (16 मार्च) को फरियादी के हाथों बाकी 30 हजार लेते लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
रिश्वतखोर पर सख्त लगाम
जानकारी के अनुसार, 12 मार्च को बोरदा मंडा पंचायत के सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने उज्जैन लोकायुक्त को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की. पीड़ित राजेश चतुर्वेदी ने शिकायत में कहा कि ठेकेदार कमल बंजारा और सचिव दरबार सिंह द्वारा निर्माण कार्य स्वीकृत करने के एवज में 45 हजार रिश्वत मांगी जा रही है. आरोपी रिश्वत के 15 हजार पहले ही ले चुका है.
लोकायुक्त अधीक्षक के निर्देशन में कार्रवाई
उज्जैन लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तस्दीक की तो रिश्वत का मामला सही पाया गया. जिसके बाद लोकायुक्त अधीक्षक के निर्देशन में टीम ने रिश्वतखोर सचिव और उसके साथी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे 30 हजार रुपए लेते रंगे हाथों धर दबोचा.
लोकायुक्त निरीक्षक दीपक शेजवार ने बताया, “आरोपी सचिव दरबार सिंह ने फरियादी सरपंच से कार के अंदर रिश्वत के 30 हजार रुपए लिया. जिसके बाद पैसे को अपने साथी ठेकदार कमल बंजारा को दे दिया. इस दौरान रिश्वत लेते हुए सचिव दरबार सिंह और उसके साथी ठेकेदार कमल बंजारा को ग्राम पंचायत बोरदा मंडा में पकड़ा गया. दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है.”

