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जमीनी हकीकत पर खास रिपोर्ट,महिला आरक्षण,अधिकार मिला, लेकिन क्या नेतृत्व भी मिला?

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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रविवार विशेष- जमीनी हकीकत पर खास रिपोर्ट,महिला आरक्षण,अधिकार मिला, लेकिन क्या नेतृत्व भी मिला?

अब महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायत से लेकर विधानसभा तक सीटें आरक्षित की गईं, ताकि महिलाएं न केवल चुनाव लड़ें बल्कि नेतृत्व भी संभालें।

वही जनता भी इस विश्वास के साथ महिलाओं को अपना प्रतिनिधि चुनती है कि वे अपने क्षेत्र की आवाज बनेंगी और विकास कार्यों को दिशा देंगी। कागज़ों पर यह व्यवस्था बेहद सशक्त और सकारात्मक नजर आती है, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इससे अलग तस्वीर पेश करती है।

वही ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर अक्सर यह देखा जाता है कि पद पर महिला निर्वाचित होती हैं, लेकिन वास्तविक निर्णय लेने और नेतृत्व की भूमिका किसी और—अक्सर उनके परिवार के पुरुष सदस्य—द्वारा निभाई जाती है। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में भी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सीमित दिखाई देती है, जिससे आरक्षण का मूल उद्देश्य कमजोर पड़ता नजर आता है।

जहा विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण केवल अवसर देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि महिलाएं स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। उन्हें निर्णय लेने, अपनी बात रखने और नेतृत्व करने का पूरा अधिकार और वातावरण मिलना चाहिए।

वही हाल ही में सिहावल क्षेत्र में सामने आए एक दृश्य ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम वास्तव में महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, या फिर अभी भी बदलाव अधूरा है।

निष्कर्ष

जहा महिला आरक्षण का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब निर्वाचित प्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर मिले। समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस दिशा में सकारात्मक पहल करें, ताकि सशक्तिकरण केवल कागज़ों तक सीमित न रह जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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