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कलेक्टर व एस डीएम के आदेश बने मजाक,कलेक्टर व एसडीएम ने प्रवाचक को स्थानांतरित का किया था आदेश

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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कलेक्टर व एस डीएम के आदेश बने मजाक

कलेक्टर व एसडीएम ने प्रवाचक को स्थानांतरित का किया था आदेश

एसडीएम के 3 माह व कलेक्टर के आदेश का 11 माह बाद भी नहीं हुआ पालन

मझौली

जिले के कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी के द्वारा समय-समय पर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाता है लेकिन जब उन्हीं के आदेश का महीनों तक पालन न हो तब ऐसे आदेश मजाक बन जाते हैं और क्षेत्र में चर्चा के विषय बन जाते हैं।

इन दिनों तहसील मझौली एवं कुसमी में पदस्थ प्रवाचकों के मामले प्रकाश में आए हैं।

जिले के तहसील मुख्यालय मझौली में प्रवाचक के रूप में लंबे समय से कार्य कर रहे सुरेंद्र कुमार द्विवेदी को लापरवाही एवं उदासीनता के चलते उपखंड अधिकारी मझौली के द्वारा आदेश दिनांक 17 मार्च 2026 के तहत प्रवाचक के कार्यों से पृथक करते हुए तहसील मड़वास में संबद्ध किए जाने का आदेश जारी किया गया है लेकिन आदेश जारी होने के तीन माह बाद भी आरोपित प्रवाचक तहसील मुख्यालय मझौली में ही कार्यरत है।

जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालय उपखंड अधिकारी मझौली के आदेश क्रमांक 232/प्रवा/2026 दिनांक 17 मार्च 2025 न्यायालय उपखंड अधिकारी के प्रकरण क्रमांक 102 अपील 2020-21 कुसुमवती बैश बनाम मु हेमकली तिवारी वगैरा सा ताला के निराकरण हेतु तहसीलदार तहसील मझौली को 2023 से 2026 के मध्य कई दिनांक में एवं प्रकरण क्रमांक 132 अपील 2020-21 बिहारी यादव वगैरा बनाम सूर्य दीन बगैरा सा नौढ़िया के निराकरण हेतु तहसीलदार मझौली को वर्ष 2022 से 2025 के मध्य कई दिनांक में पत्र प्रेषित किए जाने के बावजूद अपीलाधीन मूल प्रकरण उपलब्ध नहीं कराने से प्रचलित अपील प्रकरण 5 वर्ष से ऊपर कालावधि में प्रचलित है।

आयुक्त रीवा संभाग द्वारा दिनांक 13 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय सीधी में आयोजित बैठक में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के समीक्षा के दौरान अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए 5 वर्ष से कलावधि से अधिक के प्रकरण को तत्परता से निराकरण किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उपरोक्त अपील प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 230/ प्रवा/ 2026 दिनांक 16 मार्च 2026 द्वारा तहसीलदार मझौली के प्रकरण क्र 521/अ –74/ 2019-20 आदेश दिनांक 24.12.2020 के मूल प्रकरण उपलब्ध कराए जाने बावत प्रेषित पत्र को सुरेंद्र कुमार द्विवेदी प्रवाचक तहसीलदार तहसील मझौली द्वारा लेने से इनकार किया गया तथा वांछित प्रकरण भी नहीं उपलब्ध कराए गए। श्री द्विवेदी के उक्त कृत्य से स्पष्ट है कि वह प्रवाचक पदीय दायित्व के निर्वहन के प्रति अक्षम एवं उदासीन हैं।अतः सुरेंद्र कुमार द्विवेदी स्थाई कर्मी तहसील मझौली को प्रवाचक तहसीलदार मझौली के कार्यों से पृथक करते हुए तहसील मड़वास में संबद्ध किए जाने एवं रोहित कुमार मांझी सहा वर्ग 03 को प्रवाचक तहसीलदार मझौली के पदीय दायित्व के निर्वहन हेतु आदेशित किया गया है।

इसी तरह कार्यालय कलेक्टर एवं दंडाधिकारी जिला सीधी के द्वारा 10 जून 2025 को आदेश जारी किया गया था जिसमें प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरांत लिपिक ग्रेड –3 को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया गया था जिसमें राजकुमार दाहिया वर्तमान पदस्थापना तहसील कार्यालय कुसमी से कार्यालय उपखंड अधिकारी मझौली स्थानांतरित किया गया था लेकिन स्थानांतरित कर्मचारी मझौली के बजाय तहसील कार्यालय मड़वास में कार्यरत है जहां की उपखंड अधिकारी का कार्यालय है ही नहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि कलेक्टर के आदेश पर किसके हस्तक्षेप से आदेश के विपरीत पदस्थ कर कार्य कराया जा रहा है।

पहले भी कई तबादले करा चुका है निरस्त

प्रवाचक सुरेंद्र कुमार द्विवेदी को इसके पहले भी कई बार लापरवाही करने पर दूसरी जगह स्थानांतरण किया जा चुका है लेकिन अपने सेटिंग के दम पर वह आज भी मझौली तहसील में कब्जा जमाए हुए है अब देखना दिलचष्प होगा की नवागत जिला कलेक्टर ऐसे मामलों पर क्या कार्यवाही करते हैं।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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