“लाखों का वाटर कूलर टैंकर बना शोपीस! भीषण गर्मी में जनता बूंद-बूंद पानी को परेशान”
📍 सीधी – सिहावल
भीषण गर्मी में आमजन को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिहावल विधायक द्वारा लाखों रुपये की लागत से सौर ऊर्जा संचालित वाटर कूलर टैंकर उपलब्ध कराया गया था।
इस पहल का उद्देश्य था कि जनपद, तहसील और एसडीएम कार्यालय आने वाले ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।
लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यह महत्वाकांक्षी व्यवस्था अब केवल दिखावा बनकर रह गई है।
💧 “टैंकर खड़ा है… लेकिन जनता प्यास से बेहाल”
जनपद पंचायत, तहसील एवं एसडीएम कार्यालय परिसर के पास खड़ा यह वाटर कूलर टैंकर वर्तमान में उपयोगहीन नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो इसमें नियमित रूप से पानी भरा जाता है और न ही आम जनता को इसका लाभ मिल पा रहा है।
भीषण गर्मी में दूर-दराज गांवों से आने वाले लोग पेयजल के लिए परेशान होते दिखाई देते हैं, जबकि लाखों की लागत से लगाया गया यह टैंकर सिर्फ औपचारिकता बनकर खड़ा है।
⚠️ विधायक की मंशा पर लापरवाही भारी
सूत्रों के अनुसार विधायक तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
जनता का कहना है कि विधायक द्वारा जनहित में दी गई सुविधा का सही संचालन नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
🗣️ “जनता को राहत चाहिए, सिर्फ योजना का बोर्ड नहीं”
क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि
✅ टैंकर में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल भरा जाए
✅ सौर ऊर्जा प्रणाली की निगरानी सुनिश्चित हो
✅ जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए
✅ गर्मी के मौसम में आमजन को निरंतर ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाए
🌞 “जनहित की योजनाएं तभी सफल, जब लाभ सीधे जनता तक पहुंचे”
भीषण गर्मी में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा लोगों के लिए राहत का सबसे बड़ा साधन होती है।
ऐसे में लाखों की लागत से स्थापित सुविधा यदि बंद पड़ी रहे, तो यह केवल संसाधनों की बर्बादी ही नहीं बल्कि जनभावनाओं के साथ भी अन्याय माना जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब ध्यान देते हैं और विधायक की मंशा को धरातल पर उतारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्ट : राजबहोर केवट सिहावल

