संघर्ष की जीत: leelasahu की दो साल की लड़ाई रंग लाई, मध्यप्रदेश शासन ने दी डामरीकरण सड़क को मंज़ूरी
leelasahu लगातार संघर्ष, अटूट हौसले और जनहित की आवाज़ आखिरकार रंग लाई। विगत दो वर्षों से सड़क निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहीं लीला साहू की पहल पर मध्यप्रदेश शासन ने बहुप्रतीक्षित सड़क को डामरीकरण सड़क बनाने की स्वीकृति दे दी है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
leelasahu ने बताया कि यह वही सड़क है, जिसे लेकर उन्होंने गर्भावस्था के दौरान भी अपनी आवाज़ बुलंद की थी। खराब सड़क के कारण ग्रामीणों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को वर्षों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस मुद्दे को लेकर लीला साहू ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई।
उन्होंने सड़क निर्माण की मांग को लेकर सीधी सांसद माननीय डॉ. राजेश मिश्रा, चुरहट विधायक माननीय अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व मंत्री माननीय कमलेश्वर पटेल, जिला कलेक्टर, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचाई। कई बार ज्ञापन सौंपे गए, धरातल पर हालात दिखाए गए और मीडिया के माध्यम से समस्या को उजागर किया गया।
लीला साहू ने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सड़क के डामरीकरण की स्वीकृति मिलने से लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा, जिस पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सड़क निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी और राहत का माहौल है।
अपने बयान में लीला साहू ने मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल भैया, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल सहित उन सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके संघर्ष को गंभीरता से लिया।
इसके साथ ही लीला साहू ने सभी न्यूज चैनलों और मीडिया कर्मियों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सड़क की समस्या को “ज़मीन से आसमान तक” उठाने का काम किया। उन्होंने कहा कि चाहे समर्थन में बोलने वाले हों या विरोध में सवाल उठाने वाले, सभी की भूमिका इस लड़ाई में अहम रही।
लीला साहू ने विश्वास जताया कि सड़क बनकर तैयार होने के बाद क्षेत्र का आवागमन सुगम होगा, गांवों का विकास तेज़ होगा और लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।
यह सड़क अब केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और जनआवाज़ की जीत का प्रतीक बन चुकी है।
