रहस्यमयी हालात में मिला तेंदुआ शावक का शव, बांधवगढ़ में मचा हड़कंप
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। रिजर्व के मझौली बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक आर.एफ. 404 में गश्त के दौरान वन अमले को एक तेंदुआ शावक मृत अवस्था में मिला। जंगल के भीतर बांस भीरे की ओर से आ रही तेज दुर्गंध ने वन कर्मचारियों को मौके तक पहुंचाया, जहां यह संवेदनशील मामला सामने आया।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई की गई।
मृत तेंदुआ शावक के आसपास के इलाके की बारीकी से जांच के लिए डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। टीम ने जंगल के भीतर कई घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके साथ ही मेटल डिटेक्टर की मदद से शव और आसपास की जमीन की जांच की गई ताकि किसी जाल, गोली या शिकार से जुड़े सबूतों का पता लगाया जा सके। हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
वन विभाग के अनुसार मृत तेंदुआ नर था और उसकी उम्र करीब डेढ़ वर्ष आंकी गई है। पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया। इस दौरान वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपिन चंद्र आदर्श मौजूद रहे। चिकित्सकों ने शव के विभिन्न नमूने सुरक्षित कर परीक्षण के लिए भेज दिए हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्रारंभिक जांच में तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। यही कारण है कि फिलहाल शिकार की संभावना कमजोर मानी जा रही है। बावजूद इसके वन विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और पूरे मामले को वन अपराध प्रकरण के रूप में दर्ज कर विस्तृत जांच कर रहा है।
पोस्टमार्टम के बाद तय प्रोटोकॉल के तहत तेंदुआ शावक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय, परिक्षेत्र अधिकारी अंजू वर्मा, तहसीलदार मानपुर सन्नत कुमार सिंह, एनटीसीए प्रतिनिधि अक्षय दलवी, ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद्र जायसवाल सहित बड़ी संख्या में वन कर्मचारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई ताकि जांच में किसी प्रकार की कमी न रहे।
बांधवगढ़ में तेंदुए की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल में प्राकृतिक संघर्ष, बीमारी, विषाक्त पदार्थ या किसी अन्य वजह से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। अब सबकी नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस पूरे मामले से पर्दा उठाएगी।


