पेट्रोल बचाने निकले विधायक, लेकिन जर्जर सड़क पर क्यों है खामोश
30 किलोमीटर बाइक यात्रा पर राजनीति गर्म, कांग्रेस ने NH-43 की बदहाली पर घेरा
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह की बाइक यात्रा अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के समर्थन में विधायक शनिवार सुबह अपने गांव छादाकला से बाइक चलाकर करीब 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय उमरिया पहुंचे। इस दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और समर्थकों ने इसे सादगी व जागरूकता की मिसाल बताया।
हालांकि विधायक की इस यात्रा के बाद अब विपक्ष ने इसे लेकर तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधायक पेट्रोल बचाने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र की बदहाल सड़कों पर उनकी नजर नहीं पड़ रही। खासकर वर्षों से अधूरे पड़े एनएच-43 निर्माण कार्य को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उमरिया से शहडोल मार्ग तक एनएच-43 का निर्माण कार्य पिछले 8-9 वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक सड़क पूरी नहीं हो सकी। जगह-जगह गड्ढे, अधूरा निर्माण और धूल भरी सड़कें लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कई बार हादसे भी हो चुके हैं। क्षेत्र में अब लोग तंज कसते हुए कहते हैं कि एनएच-43 का काम इतना धीमा चल रहा है कि कछुआ भी देखकर शर्मा जाए।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पाली रवि मिश्रा ने विधायक पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि माननीय विधायक जी प्रधानमंत्री के आवाहन पर पेट्रोल-डीजल बचाने बाइक पर निकल पड़े, लेकिन उन्हें अपने क्षेत्र की टूटी सड़कें दिखाई नहीं देतीं। वर्षों से सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, कई लोग हादसों में जान गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता सिर्फ दिखावटी अभियान बनकर रह गई है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि अगर विधायक वास्तव में जनता की चिंता करते हैं तो उन्हें केवल कैमरे के सामने बाइक चलाने के बजाय क्षेत्र की सड़क समस्या को लेकर सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ईंधन बचत अच्छी बात है, लेकिन जनता पहले सुरक्षित सड़क चाहती है।
विधायक की बाइक यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे जनजागरूकता की पहल बता रहे हैं, तो कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस सड़क पर विधायक बाइक चलाकर पहुंचे, उसी सड़क की बदहाली पर आखिर कब कार्रवाई होगी।
फिलहाल विधायक की यह यात्रा अब केवल ईंधन बचत अभियान तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि क्षेत्र की अधूरी सड़क, धीमे निर्माण कार्य और जनता की परेशानियों को लेकर नया राजनीतिक मुद्दा बनती नजर आ रही है।


