ब्रह्मचारिणी स्वरूप में सजी मां बिरासिनी, दूसरे दिन भक्तों की आस्था ने तोड़े रिकॉर्ड
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासिनी मंदिर में चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। जैसे ही सुबह की पहली किरण मंदिर परिसर में पहुंची, वैसे ही भक्तों की लंबी कतारें मां के दर्शन के लिए लग गईं। इस दिन मां बिरासिनी ने ब्रह्मचारिणी स्वरूप में दर्शन देकर भक्तों को ज्ञान, तपस्या और आत्मबल का संदेश दिया।

मंदिर का वातावरण जय माता दी के जयकारों और घंटियों की गूंज से पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मां ब्रह्मचारिणी, जिन्हें तप और त्याग की देवी माना जाता है, उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन में संयम, धैर्य और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

इस बार नवरात्रि के दूसरे दिन तक कलश स्थापना ने नया रिकॉर्ड बना दिया। कुल 10,474 कलश स्थापित किए जा चुके हैं, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाते हैं। इनमें 708 घी कलश, 865 तेल कलश, 194 आजीवन तेल, 422 आजीवन घी और सबसे ज्यादा 8,285 मनोकामना कलश शामिल हैं। हर कलश के साथ जुड़ी है किसी न किसी भक्त की श्रद्धा और विश्वास की कहानी।
मंदिर प्रबंधन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, साफ-सफाई और पेयजल की सुविधाओं ने भक्तों को राहत दी है। प्रशासन भी लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि आयोजन सुचारू रूप से चलता रहे।
स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगाकर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। जैसे-जैसे नवरात्रि आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिरसिंहपुर पाली का यह धाम आस्था के महासागर में बदलता जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


