संवाददाता-: अनिल शर्मा (8839395183)
MP News:छतरपुर (मध्यप्रदेश)। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय की भूगर्भशास्त्र अध्ययनशाला द्वारा 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। यह भ्रमण माननीय कुलगुरु राकेश कुशवाह के संरक्षण एवं कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी.के. जैन के निर्देशन एवं नेतृत्व में आयोजित इस शैक्षणिक यात्रा का संचालन सेडमैप द्वारा किया गया।
MP News:भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल भीमकुंड का अवलोकन कर उससे जुड़े महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक तथ्यों को समझा। इसके साथ ही बाजना और बक्सवाहा के मध्य स्थित रोड कटाव में प्रदर्शित विविध भू-आकृतिक संरचनाओं का अध्ययन कर विद्यार्थियों ने स्थलाकृतिक एवं शैल संरचनाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की।
इसके पश्चात भ्रमण दल डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के व्यवहारिक भू-विज्ञान विभाग पहुंचा, जहां प्रोफेसर आर.के. रावत एवं प्रोफेसर ए.के. सिंह ने दल का आत्मीय स्वागत किया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए.के. सिंह के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने प्रोफेसर डब्ल्यू.डी. वेस्ट जियोलॉजिकल म्यूजियम, फोटो जियोलॉजी प्रयोगशाला, पेट्रोलॉजी प्रयोगशाला, अयस्क प्रयोगशाला तथा सूक्ष्म जीवाश्म विज्ञान प्रयोगशाला का विस्तृत अवलोकन किया।
म्यूजियम में प्रदर्शित विविध शैल, अयस्क एवं जीवाश्मों ने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रभावित किया। विशेष रूप से पानी में तैरने वाला प्यूमिस पत्थर तथा प्रतिदीप्ति (फ्लोरोसेंस) के कारण चमकने और रंग बदलने वाले पत्थर विद्यार्थियों की जिज्ञासा का प्रमुख केंद्र रहे। प्रयोगशालाओं में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों एवं उनके उपयोग की विधियों को भी विस्तारपूर्वक समझाया गया, जिससे विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय स्थित जवाहरलाल नेहरू केन्द्रीय ग्रन्थालय का दौरा किया, जहां उन्होंने ग्रंथालय की कार्यप्रणाली को समझते हुए विशाल पुस्तक-संग्रह का अवलोकन किया।
भ्रमण में शामिल विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया। इमरान सिद्दीकी ने भू-विज्ञान के गहन अध्ययन हेतु उपकरणों की समझ को अनिवार्य बताया। चाहना पटेल ने भ्रमण को प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक अनुभव बताया, वहीं राम अवतार पटेल ने फील्ड वर्क एवं विशाल भूवैज्ञानिक संग्रहालयों को विषय की गहराई समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
MP NEWS:इस शैक्षणिक भ्रमण में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पी.के. जैन, अतिथि विद्वान मुमताज जहां मंसूरी, आशिया बानो, आशी जैन, गुट्टी लाल कुशवाहा सहित शोधार्थी एवं लगभग 40 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी सहभागी रहे।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल अकादमिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हुआ, बल्कि भू-विज्ञान के व्यावहारिक एवं अनुसंधानात्मक पहलुओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
