---Advertisement---

News E7 Live की खबर का बड़ा असर, गबन प्रकरण में जिला प्रबंधक महेन्द्र बारसकर की सेवा समाप्त

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

Published on:

---Advertisement---

News E7 Live की खबर का बड़ा असर, गबन प्रकरण में जिला प्रबंधक महेन्द्र बारसकर की सेवा समाप्त

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में News E7 Live की खबर का सीधा असर देखने को मिला है। फर्जी भुगतान और शासकीय राशि के गबन से जुड़ी खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी अधिकारी की संविदा सेवा समाप्त कर दी है। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर को प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के साथ कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया है।

कागजों में विकास, खातों में खेल, आजीविका मिशन में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा

 प्रकाशित खबर 

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिला स्तर पर प्राप्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों के तहत यह कार्रवाई की गई है। आदेश जारी होते ही प्रभावशील हो गया, जिससे यह स्पष्ट संकेत गया है कि शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।

 

दरअसल, News E7 Live ने ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला उमरिया में हुए कथित गबन और फर्जी भुगतान के मामले को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की स्वीकृत राशि का एक बार भुगतान हो जाने के बावजूद, उसी स्वीकृति के आधार पर दोबारा भुगतान कर दिया गया। इस तरह 1,43,440 रुपये का दोहरा भुगतान किया गया। इसके अलावा बिना किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान भी किया गया। कुल मिलाकर लगभग 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ।

इस पूरे मामले की शिकायत जिला परियोजना प्रबंधक चंद्रभान सिंह द्वारा की गई थी। शिकायत के बाद जिला मिशन प्रबंधन इकाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान अंतरिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिल-वाउचर, कैश बुक, लेजर, व्यय पंजी और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि कुछ भुगतान एक ही स्वीकृति आदेश के आधार पर दो बार किए गए, जबकि कुछ भुगतान बिना किसी वैध स्वीकृति के सीधे खातों से कर दिए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को विभागीय स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया, लेकिन उनका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उमरिया के निर्देश पर कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने बताया कि फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकाले जाने की पुष्टि हुई है। धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है, हालांकि फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है।

News E7 Live में खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई और अंततः कलेक्टर को सख्त निर्णय लेना पड़ा। यह कार्रवाई न सिर्फ इस मामले में अहम मानी जा रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से भ्रष्टाचार पर कैसे प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Tapas Gupta

Tapas Gupta

मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

---Advertisement---
Share & Earn