अब सड़क पर उतरेगा अन्नदाता, 42 गांवों का महाजाम प्लान, घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन की चेतावनी
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले में किसानों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। लगातार ज्ञापन और स्मरण पत्रों के बावजूद जब प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो भारतीय किसान संघ ने अब सीधी लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शहडोल-घुनघुटी हाईवे पर बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें 42 गांवों के किसान एक साथ सड़क पर उतरेंगे।
जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में किसानों ने कई बार कलेक्टर को अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद पहला और दूसरा स्मरण पत्र भी संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया, लेकिन हालात जस के तस बने रहे। इससे नाराज किसानों का कहना है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय लगातार अनदेखी कर रहा है।
किसान संघ का आरोप है कि एक ओर सरकार किसानों के हितों की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर अधिकारी पूरी तरह उदासीन हैं। कई बार बैठक और संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। यही वजह है कि अब किसानों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।
संघ ने “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन के तहत हाईवे जाम करने की रणनीति बनाई है। इस दौरान किसान सड़क पर ही बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और वहीं भोजन-रहने की व्यवस्था करेंगे। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा और तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
किसान नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर ठेकेदारों और कंपनियों के हित साधने में लगे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होना इसी का प्रमाण है।
संघ ने चेतावनी दी है कि किसानों को कमजोर समझना प्रशासन की बड़ी भूल होगी। खेतों में पसीना बहाने वाला अन्नदाता अगर सड़कों पर उतर आया, तो हालात संभालना मुश्किल हो सकता है। अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस बढ़ते आंदोलन को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।


