एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय परिणामों पर जताई आपत्ति, 7 दिन में पुनर्मूल्यांकन की मांग
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090
बिरसिंहपुर पाली में एनएसयूआई ने प्रदेश सचिव हर्ष अवधिया के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परीक्षा परिणामों को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कुलपति शंभू नाथ के नाम संबोधित किया गया। संगठन ने हाल ही में घोषित परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह असंतोषजनक बताया।

एनएसयूआई ने कहा कि विश्वविद्यालय ने बिना उचित जांच और पारदर्शिता के मनमर्जी से परिणाम जारी कर दिए, जिससे लगभग 70 से 80 प्रतिशत विद्यार्थियों के भविष्य पर असर पड़ा है। संगठन का कहना है कि कई विषयों में बड़ी संख्या में छात्रों को असामान्य रूप से कम अंक दिए गए, जबकि परीक्षा के बाद छात्रों ने अपने प्रदर्शन को लेकर संतोष जताया था। इस वजह से विद्यार्थियों में भ्रम और गुस्से की स्थिति बन गई।
ज्ञापन में एनएसयूआई ने मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि परीक्षा प्रणाली छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर नहीं चलाई गई। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय ने नियमों और मानकों को नजरअंदाज कर परिणाम तैयार किए, जिससे विद्यार्थियों का विश्वास टूट रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ पुनर्मूल्यांकन नहीं कराया गया, तो वह आंदोलन की राह अपनाने के लिए मजबूर होगा।
एनएसयूआई ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि मूल्यांकन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। संगठन ने यह मुद्दा केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रखा बल्कि पूरे शैक्षणिक ढांचे में सुधार की भी मांग की।
ज्ञापन देने के दौरान कार्यक्रम में दुर्गेश नामदेव, जावेद खान, लकी वर्मा, रवि प्रजापति, नागेंद्र साहू, ओम प्रजापति और आयुष वर्मा मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
