पाली स्वास्थ्य केंद्र पर उठे सवाल, मंडल अध्यक्ष ने प्रभारी मंत्री को सौंपा स्थानांतरण का ज्ञापन
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के पाली क्षेत्र में प्रभारी मंत्री एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री नागर सिंह चौहान के दौरे के दौरान भाजपा नगर मंडल पाली की अध्यक्ष राधा विजय तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुट्टू लाल सागर के स्थानांतरण तथा स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली की स्वास्थ्य सेवाएं लंबे समय से अव्यवस्थाओं का शिकार हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है।
ज्ञापन के अनुसार खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुट्टू लाल सागर नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित नहीं रहते और कार्यस्थल के बजाय अन्य स्थान पर निवास करते हैं। इससे मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ता है, जबकि आवश्यक दवाओं के अभाव में उन्हें बाजार से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
स्वास्थ्य केंद्र की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है तथा साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। इतना ही नहीं, टिटनेस इंजेक्शन जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर भी समय-समय पर प्रश्न खड़े होते रहे हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी ने प्रभारी मंत्री से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली का औचक निरीक्षण कराया जाए और संपूर्ण कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जनहित को ध्यान में रखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुट्टू लाल सागर का स्थानांतरण अन्यत्र किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पाली क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और शासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


