पटवारी से गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले आरोपी को 2 साल की सजा, मझौली न्यायालय का फैसला
द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार लगभग 10 साल पुराने शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में मझौली न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य पालन से रोकने और अभद्र व्यवहार करने से जुड़ा था।
जानकारी के अनुसार 6 फरवरी 2016 को हल्का पटवारी रामनारायण सिंह, ग्राम मेड़रा क्षेत्र में शासन की महत्वपूर्ण भूमि संबंधी योजना के तहत सर्वे और जांच कार्य कर रहे थे। इस दौरान वे ददई साकेत के घर का सर्वे कर शासकीय रिकॉर्ड तैयार कर रहे थे। तभी शाम करीब 5 बजे गांव का निवासी रामप्रसाद कोल वहां पहुंचा और पटवारी के साथ अश्लील गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने लगा। बताया गया कि आरोपी लगातार आक्रामक व्यवहार कर रहा था और मारपीट पर उतारू हो गया था, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ।
पटवारी की शिकायत पर में अपराध क्रमांक 65/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 353 एवं 294 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस विवेचना के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री ओमप्रकाश बागरी ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।
मामले की सुनवाई करते हुए ने आरोपी रामप्रसाद कोल, निवासी बंजारी थाना मझौली को धारा 353 भादवि के तहत दोषसिद्ध पाते हुए 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले को शासकीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।

