रीवा में “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत पूर्व मंत्री एवं CWC सदस्य श्री कमलेश्वर पटेल ने छात्रों से किया संवाद, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
रीवा, 22 जुलाई।
20 जुलाई को देशभर से हजारों छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में एकत्रित हुए और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी तथा छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। लेकिन छात्रों की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले दागे गए, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया गया। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे छात्रों के साथ किया गया यह व्यवहार लोकतंत्र पर सीधा हमला था।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी संसद में छात्रों पर हुए हमले, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की संवेदनहीनता एवं अहंकार पर चर्चा करना चाहते थे। लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करते हुए संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया।
सदन स्थगित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी, सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी तथा विपक्ष के अन्य सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने पहुंचे। वहां नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी सहित विपक्ष के सांसदों के साथ बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया गया, उन्हें घसीटा गया और हिरासत में लिया गया। यह लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने का एक और प्रयास था।
इन्हीं घटनाओं के विरोध में तथा देशभर के छात्रों की आवाज़ को बुलंद करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा संचालित “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य श्री कमलेश्वर पटेल ने आज रीवा में एक महत्वपूर्ण छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित किया तथा विभिन्न महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से विस्तृत संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को गंभीरता से सुना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि आज देश का छात्र लगातार पेपर लीक, परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता, शिक्षा के बढ़ते खर्च और बढ़ती बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। यह केवल छात्रों का संकट नहीं, बल्कि देश के भविष्य का प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा से “छात्रों की गूंज” अभियान की शुरुआत की थी, जिसे 17 जुलाई को देहरादून में आगे बढ़ाया गया। इस अभियान का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को उन अव्यवस्थाओं और शोषणकारी तंत्र से मुक्त कराना है, जिसने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
प्रेस वार्ता के दौरान श्री कमलेश्वर पटेल ने “छात्रों की गूंज” अभियान के उद्देश्य, उसकी गतिविधियों तथा प्रमुख मांगों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने श्री राहुल गांधी के कोटा संबोधन के मुख्य बिंदुओं को छात्रों के समक्ष रखा तथा विशेष रूप से पेपर लीक, परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं की अनिश्चितता, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की।
संवाद कार्यक्रम को पूर्णतः सहभागी स्वरूप में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को खुलकर अपने अनुभव साझा करने, समस्याएं रखने, सुझाव देने और अपनी आकांक्षाएं व्यक्त करने का अवसर दिया गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की मांग रखी।
इस अवसर पर श्री कमलेश्वर पटेल ने छात्रों से “छात्रों की गूंज” अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने, अभियान के डिजिटल मंच पर पंजीकरण कराने तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
अंत में श्री कमलेश्वर पटेल ने सभी छात्रों को विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके अधिकारों, उनके भविष्य और न्याय की इस लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उनकी आवाज़ बुलंद करती रहेगी और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष पूरी दृढ़ता के साथ लड़ेगी।

