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रेलवे की जमीन पर रेत का अंबार, 21 ट्रॉली जब्त… लेकिन रहस्य बनी खड़ी डिग्गी, आखिर किसका है खेल?

Tapas Gupta

By Tapas Gupta

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रेलवे की जमीन पर रेत का अंबार, 21 ट्रॉली जब्त… लेकिन रहस्य बनी खड़ी डिग्गी, आखिर किसका है खेल?

उमरिया तपस गुप्ता

जिले के घुंघुटी रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से जमा रेत के बड़े भंडार पर बुधवार को खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 21 ट्रॉली रेत जब्त कर ली। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, लेकिन इस पूरी कार्रवाई ने जितने सवालों के जवाब दिए, उससे कहीं ज्यादा नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

खनिज विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे की भूमि पर भारी मात्रा में रेत का अवैध स्टॉक जमा किया गया है। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला और न ही रेत के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सके। इसके बाद विभाग ने लगभग 21 ट्रॉली रेत जब्त कर वन विभाग की चौकी में सुपुर्द कर दिया।

खनिज सर्वेयर नवरत सिंह आर्मो ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि रेत लावारिस हालत में मिली थी और फिलहाल यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसका वास्तविक मालिक कौन है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

स्थानीय सूत्रों की मानें तो जिस स्थान से रेत का स्टॉक जब्त किया गया, वहां से कुछ ही दूरी पर एक डिग्गी (भारी वाहन) खराब हालत में खड़ी हुई थी। क्षेत्र के लोगों का दावा है कि इसी वाहन के माध्यम से रेत का भंडारण किया गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौके के आसपास संदिग्ध वाहन मौजूद था, तो उसे जब्त क्यों नहीं किया गया। क्या विभाग को उसके मालिक की जानकारी थी या फिर जांच अभी अधूरी है।

इधर गांव और बाजार में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार घुंघुटी निवासी एक प्रभावशाली व्यक्ति, जिन्हें लोग मिश्रा जी के नाम से जानते हैं, इस पूरे खेल के कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी व्यक्ति का नाम विभागीय रिकॉर्ड में सामने आया है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

फिर भी रेलवे की जमीन पर इतने बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण होना कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में रेत वहां पहुंची कैसे। किसके संरक्षण में यह स्टॉक तैयार किया गया। यदि रेत अवैध थी तो उसे वहां तक पहुंचाने वाले वाहन और जिम्मेदार लोग अभी तक जांच के दायरे में क्यों नहीं आए।

फिलहाल खनिज विभाग की कार्रवाई ने अवैध रेत कारोबार पर शिकंजा कसने का संदेश जरूर दिया है, लेकिन जब तक इस स्टॉक के असली मालिक और इसके पीछे काम कर रहे लोगों का खुलासा नहीं होता, तब तक घुंघुटी का यह रेत रहस्य चर्चा का विषय बना रहेगा।

Tapas Gupta

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मै तपस गुप्ता 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है। मो-7999276090

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