Rewa में आस्था और विकास का संगम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया विश्व की सबसे लंबी भैरव प्रतिमा का अनावरण, 340 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार Rewa जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने ग्राम खामडीह में स्थित भैरवनाथ बाबा मंदिर का लोकार्पण किया, जहां विश्व की सबसे लंबी शयन मुद्रा में स्थापित भैरव बाबा की प्रतिमा विराजमान है। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह मंदिर आस्था, कला और इतिहास का अद्भुत संगम बनकर उभरा है।
करीब 9 मीटर लंबी और लगभग 4 मीटर चौड़ी यह विशाल प्रतिमा देश ही नहीं, बल्कि विश्व में अपनी तरह की अनूठी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने मंदिर लोकार्पण के पश्चात आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया।
विंध्य क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए जाना जाता है। गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कैमोर पर्वत श्रृंखला की गोद में स्थित यह भैरवनाथ प्रतिमा कल्चुरी कालीन स्थापत्य और मूर्तिकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। माना जाता है कि 10वीं–11वीं शताब्दी में एक ही विशाल काले बलुआ पत्थर को तराशकर इस प्रतिमा का निर्माण किया गया था। वर्षों तक खुले आसमान के नीचे स्थित रहने के बाद अब एलएडी योजना के अंतर्गत इसके चारों ओर दो मंजिला भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन, आठ दुकानें तथा अन्य सहायक संरचनाएं भी विकसित की गई हैं।
शयन मुद्रा में अंकित भैरवनाथ की चतुर्भुज प्रतिमा में रौद्रता और शांति का अद्भुत संतुलन दिखाई देता है। त्रिशूल, रुद्राक्ष माला, सर्प और बीज-फल जैसे प्रतीक सृष्टि, संहार, भक्ति और उर्वरता के भाव को दर्शाते हैं, जो इस प्रतिमा को आध्यात्मिक दृष्टि से और भी विशिष्ट बनाते हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Rewa को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात दी। उन्होंने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के विस्तारीकरण का भूमिपूजन किया। 322 करोड़ रुपये की लागत से संजय गांधी अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का विकास किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत कैंसर अस्पताल सहित 15 नई चिकित्सा इकाइयों का निर्माण होगा, जिससे रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
