प्रयागराज में रिश्वत लेते लेखपाल महेन्द्र कुमार गिरफ्तार, हैसियत सर्टिफिकेट रिपोर्ट के बदले मांगे थे 10 हजार
प्रयागराज सेक्टर की सतर्कता अधिष्ठान टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कौशाम्बी जिले में तैनात एक क्षेत्रीय लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. प्रयागराज डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि लेखपाल महेन्द्र कुमार पर हैसियत प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है.
ऑनलाइन आवेदन किया था
मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता ने 20 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक, यूपी सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज सेक्टर के सामने पेश होकर लिखित शिकायत दी.शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता ने ठेकेदारी के लिए हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 18 जनवरी 2026 को ऑनलाइन आवेदन किया था. इसके बाद 18 फरवरी को आवेदन पत्र लेकर तहसीलदार मंझनपुर के यहां गए.
रिपोर्ट के लिए लेखपाल ने घूस मांगी
तहसीलदार ने आवेदन पर नियमानुसार रिपोर्ट लगाने के लिए आदेश दिया गया था. क्षेत्रीय लेखपाल महेन्द्र कुमार ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर रिपोर्ट लगाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग थी. रिश्वत न देने की स्थिति में प्रमाण पत्र की रिपोर्ट उल्टी लगाने की धमकी भी दी थी. शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए सतर्कता अधिष्ठान से संपर्क किया और लेखपाल को रंगे हाथ पकड़वाने की इच्छा जताई.
एंटी करप्शन की टीम का एक्शन
शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई को मंजूरी दी गई. 23 फरवरी 2026 को यूपी सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज की ट्रैप टीम ने कौशाम्बी जिले के चम्पहा बाजार स्थित अग्रहरी की मिठाई की दुकान के पास विधिक कार्रवाई करते हुए क्षेत्र सिंहवल में तैनात लेखपाल महेन्द्र कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया.
कानूनी कार्रवाई कर रही टीम
गिरफ्तारी के समय सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं. सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गयी. मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यक विधिक कदम उठाए जा रहे हैं.

