रिश्वतखोरी में पकड़े गए डॉक्टर स्वतंत्र पटेल पर फिर गंभीर आरोप! सेमरिया अस्पताल में भर्ती घायल मरीज को बाहर निकालने से भड़के ग्रामीण
सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। पहले रिश्वतखोरी के मामले में लोकायुक्त कार्रवाई झेल चुके डॉक्टर स्वतंत्र पटेल अब घायल मरीज के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने भर्ती मरीज को अस्पताल से बाहर निकलवा दिया, जिसके बाद घायल युवक घंटों तक अस्पताल गेट के बाहर बेहोशी की हालत में पड़ा रहा।
जानकारी के मुताबिक ग्राम मनकीसर में सोमवार रात हुई मारपीट में घायल पप्पू साहू को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया लाया गया था। मरीज के सिर में गंभीर चोट आने पर 15 टांके लगाए गए, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद उसे भर्ती रखकर समुचित उपचार नहीं दिया गया।
मंगलवार सुबह जब कुछ समाजसेवी और स्थानीय लोग मरीज की स्थिति जानने अस्पताल पहुंचे, तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर स्वतंत्र पटेल कथित रूप से भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने मौजूद लोगों से अभद्र व्यवहार किया और घायल मरीज को अस्पताल से बाहर निकलवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरीज करीब दो घंटे तक अस्पताल गेट के बाहर अचेत अवस्था में पड़ा रहा, लेकिन किसी भी डॉक्टर या नर्स ने उसकी सुध नहीं ली।
इस घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अस्पताल इलाज का केंद्र होता है, लेकिन यहां मरीजों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि फरवरी महीने में लोकायुक्त पुलिस ने डॉक्टर स्वतंत्र पटेल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस समय वे सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य center में बीएमओ पद पर पदस्थ थे। कार्रवाई के बाद उन्हें मुख्यालय अटैच कर सेमरिया भेजा गया था। लेकिन ताजा घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि विवादों में रहने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई बदलाव क्यों नहीं आया।
समाजसेवी प्रभात वर्मा ने कहा कि यदि घायल मरीज को अस्पताल से बाहर फेंक दिया जाएगा तो आम जनता आखिर किस भरोसे सरकारी अस्पताल पहुंचेगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, जब डॉक्टर स्वतंत्र पटेल से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि “मैं ऐसे मरीजों का इलाज नहीं करता जो बकवास करते हैं,” और इसके बाद कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर बीएमओ शिवेंद्र पटेल ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया है।

