सांसद जी… आपके वादों की तरह बरौनी-गोंदिया ट्रेन भी सिर्फ गुजर जाती है
सोशल मीडिया के एक तंज ने खोली बरौनी-गोंदिया स्टॉपेज की अधूरी कहानी, सांसद के मांग पत्र पर भी नहीं पसीजा रेल मंत्रालय, अब व्यापारी, छात्र और आमजन फिर कर रहे ठहराव की मांग
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
सांसद जी… आपके वादों की तरह यह ट्रेन भी बस गुजर जाती है, हमारा स्टेशन देखता रह जाता है और इसकी रफ्तार बढ़ जाती है।
सोशल मीडिया पर लिखी गई यह एक पंक्ति इन दिनों बिरसिंहपुर पाली की सबसे बड़ी जनभावना बन चुकी है। यह सिर्फ एक तंज नहीं, बल्कि उन हजारों यात्रियों की मायूसी है जो वर्षों से बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के अपने स्टेशन पर रुकने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन रोज गुजरती है, लेकिन नहीं रुकती। ठीक उसी तरह जैसे ठहराव के वादे हर बार उम्मीद देकर आगे बढ़ जाते हैं।

यह पोस्ट वायरल होने के बाद एक बार फिर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के स्टॉपेज का मुद्दा चर्चा में है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर वह मांग कहां खो गई, जिसे खुद शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह रेल मंत्री तक लेकर गई थीं।
दिल्ली तक पहुंची आवाज… लेकिन पाली तक नहीं पहुंची ट्रेन
कुछ वर्ष पहले सांसद हिमाद्री सिंह ने दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात कर बिरसिंहपुर पाली स्टेशन पर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की थी। मांग पत्र भी सौंपा गया। तस्वीरें सामने आईं, लोगों ने उम्मीदें बांध लीं और लगा कि अब स्टेशन पर ट्रेन रुकना सिर्फ औपचारिकता भर रह गया है। लेकिन समय बीतता गया। ट्रेन पहले की तरह दौड़ती रही और पाली स्टेशन उसे पहले की तरह गुजरते हुए देखता रहा। आज तक न रेलवे ने स्टॉपेज की घोषणा की और न यात्रियों का इंतजार खत्म हुआ।
अब सवाल सांसद से भी, रेलवे से भी
लोगों का कहना है कि यदि रेल मंत्री तक मांग पहुंच चुकी थी तो फिर आगे क्या हुआ। क्या रेलवे ने इस मांग को ठुकरा दिया। अगर ऐसा था तो क्या दोबारा पैरवी की गई। क्या लगातार फॉलोअप हुआ। या फिर मांग पत्र देने के बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यही सवाल अब सोशल मीडिया पर भी तैर रहे हैं।
एनएसयूआई ने फिर जगाई उम्मीद
बीते दिनों एनएसयूआई सहित बिरसिंहपुर पाली की जनता ने इस मुद्दे को फिर से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि बिरसिंहपुर पाली जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस का ठहराव होना चाहिए। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
एनएसयूआई का कहना है कि यदि सांसद पहले यह मांग उठा चुकी हैं तो अब उन्हें इसे निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए फिर से सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
वादे रुक गए, ट्रेन नहीं
पाली के लोगों के बीच अब यह चर्चा आम है कि चुनावी मंचों पर विकास और सुविधाओं की लंबी बातें होती हैं, लेकिन जब परिणाम का समय आता है तो सब कुछ फाइलों और आश्वासनों में सिमट जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल तंज इसलिए लोगों के दिल को छू रहा है क्योंकि वह उनकी रोजमर्रा की हकीकत बयान करता है। हर दिन ट्रेन प्लेटफॉर्म के सामने से निकलती है और हर दिन लोगों को याद दिलाती है कि उनकी मांग अब भी अधूरी है।
अब जनता को पत्र नहीं, प्लेटफॉर्म पर रुकती ट्रेन चाहिए
बिरसिंहपुर पाली के लोगों की मांग अब पहले से ज्यादा स्पष्ट है। वे चाहते हैं कि सांसद हिमाद्री सिंह एक बार फिर रेल मंत्री से मुलाकात करें और इस बार केवल मांग पत्र देकर औपचारिकता पूरी न करें, बल्कि तब तक लगातार प्रयास करें जब तक बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस का ठहराव बिरसिंहपुर पाली स्टेशन पर सुनिश्चित नहीं हो जाता।
फिलहाल, सोशल मीडिया का वह तंज क्षेत्र की राजनीति पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। क्योंकि जनता कह रही है कि हमें तस्वीरों में सौंपे गए मांग पत्र नहीं, प्लेटफॉर्म पर रुकती हुई ट्रेन चाहिए।


