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सीधी में 2.60 करोड़ के निर्माण कार्य पर सवाल “यह भवन नहीं, श्मशान घाट बन रहा है” – विक्रांत सिंह परिहार

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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सीधी में 2.60 करोड़ के निर्माण कार्य पर सवाल “यह भवन नहीं, श्मशान घाट बन रहा है” – विक्रांत सिंह परिहार

सीधी। शासकीय संजय गांधी महाविद्यालय में लगभग 2.60 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे भवन निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें गुणवत्ता, पारदर्शिता और श्रमिक सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां उजागर होने का दावा किया गया।

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचना बोर्ड का अभाव पाया गया, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। मौके पर मौजूद साइट इंजीनियर निर्माण एजेंसी का नाम स्पष्ट नहीं कर सका और केवल ठेकेदार जेपी यादव का नाम बताया। बाद में महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य एजेंसी MPBDC के माध्यम से कराया जा रहा है।

एनएसयूआई के अनुसार, निर्माण में उपयोग हो रहे एएसी स्लैब/ब्लॉक एवं एम-25 सीमेंट ब्रिक ब्लॉक की गुणवत्ता से संबंधित प्रमाणपत्र और टेस्ट रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं कराई गईं। श्रमिकों के पास हेलमेट, सेफ्टी शूज और हार्नेस बेल्ट जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिखे। प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव भी सामने आया।

संगठन ने आरोप लगाया कि मजदूरों को नगद भुगतान किया जा रहा है तथा पीएफ कटौती के दावों में भी पारदर्शिता नहीं है। लेबर रजिस्टर निरीक्षण के समय प्रस्तुत नहीं किया गया और निर्माण स्थल पर नंगे बिजली के तार फैले होने की बात भी कही गई, जिससे दुर्घटना की आशंका जताई गई।

प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह निर्माण नहीं, सरकारी पैसे की खुली लूट है। यह भवन नहीं, श्मशान घाट बन रहा है। यदि कोई हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार, एजेंसी, संबंधित इंजीनियर और प्रशासन की होगी।”

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रभाकर सिंह ने निरीक्षण में सामने आई कमियों को गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित विभाग को तत्काल अवगत कराया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि जांच में अनियमितता या गुणवत्ताविहीन निर्माण की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्राचार्य ने छात्रों की सुरक्षा और गुणवत्ता युक्त निर्माण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।

एनएसयूआई ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच, थर्ड पार्टी क्वालिटी टेस्ट और जिम्मेदार पक्षों पर त्वरित कार्रवाई की जाए, अन्यथा छात्रहित में आंदोलन किया जाएगा।

निरीक्षण में सामने आए प्रमुख बिंदु

निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया।

साइट इंजीनियर निर्माण एजेंसी का नाम नहीं बता पाया, केवल ठेकेदार जेपी यादव का नाम बताया।

प्राचार्य द्वारा बताया गया कि निर्माण एजेंसी एमपीबीडीसी (MPBDC) है।

निर्माण में एएसी सीमेंट स्लैब/ब्लॉक एवं एम-२५ एसएसई सीमेंट ब्रिक ब्लॉक का उपयोग हो रहा है, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट/गुणवत्ता प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए।

मजदूरों के पास हेलमेट, सेफ्टी शूज, हार्नेस बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरण नहीं पाए गए।

निर्माण स्थल पर फर्स्ट एड बॉक्स और सिक रूम की व्यवस्था नहीं मिली।

मजदूरों ने बताया कि उन्हें नगद भुगतान किया जाता है और वह भी हफ्ते में एक दिन।

साइट इंजीनियर ने ऑनलाइन भुगतान और पीएफ कटौती का दावा किया, लेकिन लेबर रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया।

निर्माण स्थल पर कई जगह बिजली के नंगे तार फैले पाए गए, जिससे हादसे की आशंका है।

एन एस यू आई ने निर्माण कार्य को गुणवत्ताविहीन एवं संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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