शिकायत कर हितग्राही उजागर कर रहे मनरेगा का काला सच
2 घंटे जेसीबी से कार्य करा कर फर्जी मस्टर रोल के जरिए आहरण कराया गया 60 हजार से ज्यादा की राशि
संजय सिंह मझौली
एक तरफ जहां शासन द्वारा महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के सफल एवं नियमानुसार क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत स्तर में ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है लेकिन वही ग्राम रोजगार सहायक योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा का ऐसा खेल खेल रहे हैं जिससे खुद करोड़ों के मालिक बन गए हैं जबकि हितग्राही न्याय के लिए शिकायत करते हुए दर-दर भटक रहे हैं और शिकायत के माध्यम से मनरेगा का काला सच भी उजागर हो रहा है।
कुछ इसी तरह का मामला जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत छुही का मंगलवार को खंड स्तरीय जनसुनवाई जनपद कार्यालय में पहुंचा जहां शिकायत कर्ता मंगलदीन गुप्ता पिता जगन्नाथ गुप्ता के द्वारा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत छुही के रोजगार सहायक अनुपम नापित के द्वारा उसके पट्टे की जमीन जो ग्राम पंचायत छुही में है।
उक्त आरजी में खेत तालाब योजना स्वीकृत कर मात्र 2 घंटे जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया है और फर्जी मस्टर रोल के जरिए 60 हजार से ज्यादा की राशि आहरण कर बंदर बांट किया है जबकि हितग्राही का कार्य अधूरा है और उसकी कृषि योग्य जमीन भी प्रभावित है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि निर्माण कार्य के नाम पर फर्जी तरीके से निकली गई राशि को वापस कराया जाए एवं दोषी रोजगार सहायक अनुपम नापित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर सीधी,जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ एवं उपखंड अधिकारी मझौली को प्रेषित की गई है। अब देखना है की शिकायत पर जिम्मेदारों के द्वारा क्या जांच कार्रवाई की जाती है।

