शिवपुरी सहकारी बैंक में किसानों के करोड़ों रुपये फंसे
वर्षों से आंदोलनों के बाद भी शासन प्रशासन मौन
सरकार की संवेदनहीनता शर्मनाक
-अजय सिंह
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिवपुरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की खराब माली हालत और वर्षों से अपनी ही जमा पूंजी वापस पाने के लिए दर-दर भटक रहे हजारों किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की दुर्दशा पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि सरकार की नाक के नीचे शिवपुरी जिले के नागरिकों की गाढ़ी कमाई बैंक में फंसी हुई है और कई आंदोलनों के बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन और न ही राज्य सरकार इस पर कोई ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन को आंदोलनों को दबाने के बजाय पीड़ित नागरिकों के साथ बैठकर उनकी समस्या का समाधान निकालना चाहिए|
अजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र का सीधे तौर पर जिक्र करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा के इतने कद्दावर नेता करते हैं, वहां का किसान, छोटा व्यापारी और मजदूर आज एक-एक पैसे के लिए मोहताज है। लोग अपनी बेटियों की शादी, इलाज और खेती-किसानी के लिए अपनी ही फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत खाते का पैसा निकालने के लिए वर्षों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। क्या यही भाजपा का सुशासन है?”
उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की यह बदहाली किसी प्रशासनिक विफलता से कम नहीं है। यदि बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं, तो उसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों और संचालक मंडल पर अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सरकार ने अब तक इस बैंक को पुनर्जीवित करने या जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया?
अजय सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर शिवपुरी जिला सहकारी बैंक के लिए एक विशेष बेलआउट पैकेज जारी करे ताकि गरीब जमाकर्ताओं को उनकी राशि का तत्काल भुगतान हो सके। बैंक की माली हालत खराब करने वाले दोषियों और भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्तियां कुर्क कर जनता का पैसा वसूल किया जाए।

