Sidhi news:सीधी जिले के किसानों को लेकर लगातार बिगड़ते हालात के बीच कलेक्ट्रेट स्थित विथिका भवन में आज गुरुवार के दिन पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल के नेतृत्व में चल रहा धरना प्रदर्शन जारी है। किसानों की समस्याओं, फसल नुकसान और राहत न मिलने के विरोध में यह आंदोलन जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस नेता और ग्रामीण इसमें शामिल होकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

धरना स्थल पर कमलेश्वर पटेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि

Sidhi news:जिलेभर में किसानों की फसल बर्बाद हो जाने के बाद भी उन्हें उचित मुआवज़ा नहीं दिया गया है। अब तक न तो खेतों में सर्वे शुरू हुआ है और गांवों में पटवारी भी नहीं पहुंचे हैं, जिससे नुकसान का आकलन तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने अब तक कोई ऐसा आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिससे किसानों को राहत मिलती हुई दिखाई दे।

कमलेश्वर पटेल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा “किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार या प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर एक विशाल और उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।”

Sidhi news:धरना क्यों और किसके लिए?

यह धरना मुख्य रूप से इन मांगों को लेकर दिया जा रहा है:

• किसानों की फसल नुकसान का सर्वे तत्काल शुरू हो

• उचित मुआवज़ा और राहत राशि का वितरण

• अनियमित बिजली आपूर्ति सुधार

• गलत बिजली बिलों को वापस किया जाए

• खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

ज्ञापन किसे सौंपा जाएगा?

धरना के समापन पर किसानों के मुद्दों और मांगों का विस्तृत ज्ञापन

सीधी कलेक्टर को सौंपा जाएगा,

ताकि सरकार तक किसानों की दर्दभरी आवाज़ पहुंचे और तत्काल निर्णय लिया जा सके।

धरना स्थल पर किसानों का आक्रोश साफ झलक रहा है। नारेबाजी, पोस्टर और बैनरों के बीच एक ही आवाज़ गूंज रही है—

“किसान को न्याय दो, मुआवज़ा दो!”