Sidhi news:यूजीसी कानून के विरोध में सीधी में सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग, अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ लगे नारे
Sidhi news:जिले में प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में सोमवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के अंबेडकर चौक पर सैकड़ों की संख्या में छात्र, सामान्य वर्ग के लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने कानून को “काला कानून” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। इस आंदोलन में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय महासभा के साथ-साथ अन्य व्यापारी वर्गों ने भी खुलकर समर्थन दिया।
प्रदर्शन की शुरुआत सीधी जिले के विथिका भवन से हुई, जहां से एक विशाल रैली निकाली गई। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अंबेडकर चौक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ भी विरोध स्वरूप नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून समाज में वर्गों के बीच टकराव पैदा करने वाला है और इससे शैक्षणिक व सामाजिक संतुलन बिगड़ेगा।
Sidhi news:अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के जिला अध्यक्ष पंडित राकेश दुबे ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी का यह कानून सामान्य वर्ग सहित अन्य वर्गों को आपस में लड़ाने का कार्य करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल सीधी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे भारत में लगातार आंदोलन चलता रहेगा।
रैली के समापन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सीधी जिले के अपर कलेक्टर बी.पी. पांडे को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अपर कलेक्टर बी.पी. पांडे ने बताया कि प्राप्त ज्ञापन को अग्रेषित किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के माध्यम से इस घटनाक्रम को वरिष्ठ कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं, कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अनहोनी नहीं हुई और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए रही।
कुल मिलाकर, यूजीसी कानून के विरोध में हुआ यह प्रदर्शन जिले में चर्चा का विषय बना रहा और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के संकेत भी देखने को मिल रहे हैं।
