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Sidhi news:शहीद के परिवार को सहायता के नाम पर सिर्फ भोपाल में मिला शासकीय कमरा

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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sidhi news:लंबे संघर्ष के बाद शहीद जवान के परिजन को मिली दस लाख रुपए की सहायता

Sidhi news:दंतेवाड़ा नक्सली हमले में शहीद हुआ परिवार शासन से मिलने वाली सहायता राशि के लिए विगत 19 वर्ष से भटक रहा है। जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों से लगातार मुलाकात कर आर्थिक सहायता राशि व शासन से मिलने वाली योजनओं की मांग करता रहा, किंतु अभी तक उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक से शहीद का परिवार मिला तब उन्हें रहम आया और वे शहीद रामसिया मिश्रा की दोनों पुत्री को ले जाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करवाए, जहां मुख्यमंत्री द्वारा शहीद के निकटतम वैध वारिसों को व्यक्तिगत आर्थिक नियमों को शिथिल करते हुए मंख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 10 लाख रुपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में हुए थे शहीद

Sidhi news:सीधी जिले के सिहावल जनपद अंतर्गत बघोर गांव। निवासी रामसिया मिश्रा एक जून 2005 को छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा में पदस्थ थे, जहां नक्सलियों के हमले में वे शहीद हो गए थे, शहीद होने के बाद अधिकारियों द्वारा शव को घर तक तो पहुंचवा दिया गया था, किंतु उनके परिजनों को नौकरी, स्मारक सहित आर्थिक सहायता राशि परिजनों को नहीं उपलब्ध करवाई गई थी, जिससे शहीद के परिजन जमीन की बिक्री करके जीविकोपार्जन करने को मजबूर हैं। अब सिहावल विधायक के प्रयास से दस लाख रुपए की सहायता राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

दो पुत्री व एक पुत्र कर रहे संघर्ष

Sidhi news:शहीद रामसिया मिश्रा व पत्नी सावित्री मिश्रा के दो पुत्री प्रियंका व काजल है तथा एक पुत्र सोनू मिश्रा है। जिसमें सबसे बड़ी पुत्री प्रियंका व दूसरे नंबर पर पुत्र सोनू व तीसरे में पुत्री काजल मिश्रा है। जिस समय रामसिया शहीद हुए थे, उस समय पुत्र सोनू मिश्रा की उम्र महज तीन वर्ष की थी, जिससे परिवार में शहीद के हक की लड़ाई के लिए कोई नहीं था, जब पुत्र जागरूक हुआ तब से सहायता के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहा है, अब लंबे समय के इंतजार के बाद आंशिक सहायता राशि स्वीकृत हो पाई है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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