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Sidhi news:गौशाला में लापरवाही चरम पर: दो माह से नहीं उठा गोबर, 4 गायों की मौत

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Sidhi news:गौशाला में लापरवाही चरम पर: दो माह से नहीं उठा गोबर, 4 गायों की मौत, अधिकारी बना रहे पल्ला झाड़

Sidhi news:जिले के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अंतर्गत ग्राम भीतरी स्थित गौशाला में अव्यवस्था और लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। शासन की लाखों की लागत से निर्मित यह गौशाला आज स्वयं भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। यहां रह रही करीब 70 से 80 गायें बदहाली में जीवन जीने को मजबूर हैं जबकि जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ने में लगे हुए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार गौशाला तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन यहां कोई भी स्थाई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया। कर्मचारियों और जनपद अधिकारियों की लापरवाही इस कदर है कि पिछले दो महीनों से गोबर तक नहीं उठाया गया। गौशाला परिसर में घुटने तक गोबर जमा होने से गायें वहीं बैठने–खड़े होने को मजबूर हैं। अस्वच्छ वातावरण के कारण 20 से ज्यादा गायों के पैरों में कीड़े पड़ गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले माह अक्टूबर में इसी लापरवाही के कारण कम से कम 4 गायों की मौत हो चुकी है।

और भी चिंताजनक बात यह है कि मृत गायों को सही तरीके से भूमि में दफनाने की बजाए पास स्थित पन्ना पहाड़ी जलप्रपात क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। इससे जल स्रोत दूषित हो रहा है और आसपास रहने वालों का स्वास्थ्य भी खतरे में है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार सरपंच, जनप्रतिनिधियों, जनपद पंचायत और यहां तक कि कलेक्टर तक से शिकायत की, परंतु कोई ठोस कार्यवाही अब तक नहीं की गई।

Sidhi news:ग्रामीण विपिन और गौरव सिंह ने आरोप लगाया कि गौशाला का संचालन एक व्यक्ति को सौंप दिया गया है, लेकिन वह केवल शासन से मिलने वाली राशि का दुरुपयोग कर रहा है। न गायों के खाने के लिए चारा उपलब्ध है और न पानी की समुचित व्यवस्था। गौरव सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

जब इस संबंध में जनपद पंचायत सीईओ राजीव तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि “गौशाला बनवाकर हैंडओवर कर दी गई है, अब कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। शिकायत कलेक्टर से करें।”

गौशाला में चल रही यह लापरवाही न केवल पशु क्रूरता का मामला है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनहीनता का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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