Sidhi news:बघवार वन चेक पोस्ट और प्रभारी राजनेश सिंह पर गंभीर आरोप, खनिज विभाग की कार्रवाई ने खोले अवैध वसूली के राज, रात में कैसे गुजरती रहीं गाड़ियां?
Sidhi news:रामपुर नैकिन तहसील के बघवार क्षेत्र में स्थित वन विभाग के चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में खनिज विभाग द्वारा अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होता जा रहा है कि जिस मार्ग से बिना दस्तावेजों के कोयला और रेत से लदी गाड़ियां गुजर रही थीं, उसी मार्ग पर वन विभाग का चेक पोस्ट मौजूद है। ऐसे में चेक पोस्ट प्रभारी राजनेश सिंह की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
खनिज विभाग ने बघवार मार्ग पर कार्रवाई करते हुए दो हाईवा सहित अन्य वाहनों को अवैध परिवहन के आरोप में जब्त किया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मार्ग पर वास्तव में निगरानी होती, तो इतनी बड़ी संख्या में अवैध परिवहन संभव ही नहीं था। सवाल यह भी है कि क्या वन विभाग के कर्मचारी अब तक इन गाड़ियों को देख नहीं पा रहे थे, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी।
Sidhi news:स्थानिक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि वन चेक पोस्ट बघवार में प्रभारी राजनेश सिंह ने नियमों को दरकिनार करते हुए अपने कुछ खास और भरोसेमंद कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई है। जबकि विभागीय नियमों के अनुसार इन कर्मचारियों की तैनाती उनके निर्धारित क्षेत्रों में होनी चाहिए थी। आरोप है कि रात के समय अवैध खनिज परिवहन करने वाली गाड़ियों से ₹500 प्रति ट्रिप की अवैध वसूली की जाती है, जिसमें चेक पोस्ट पर तैनात वन विभाग के कर्मचारी शामिल रहते हैं। यह पूरी व्यवस्था कथित तौर पर राजनेश सिंह की जानकारी और संरक्षण में चल रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि लंबे समय से इस अवैध गतिविधि की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक डीएफओ और एसडीओ स्तर के अधिकारी भी इस मामले में ठोस कार्रवाई से बचते नजर आए हैं। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं पूरे तंत्र में मिलीभगत है।
खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई ने वन विभाग के चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि बघवार वन चेक पोस्ट, प्रभारी राजनेश सिंह और वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध खनिज परिवहन पर वास्तविक रूप से रोक लग सके।
