सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने समय-सीमा बैठक में लंबित आवेदनों एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने गत एक सप्ताह में प्राप्त आवेदनों में से समय-सीमा चिन्हित 5 महत्वपूर्ण आवेदनों का चयन कर संबंधित आवेदकों से सीधे फोन पर चर्चा की। उन्होंने आवेदकों से निराकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित किया कि समस्याओं का समाधान संतोषजनक तरीके से हुआ है या नहीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय-सीमा वाले आवेदनों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।
कलेक्टर की इस पहल का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला है। ग्राम साडा निवासी रामवती साकेत की वृद्धा पेंशन से जुड़ी समस्या का निराकरण कर दिया गया, जिससे उन्हें राहत मिली। इसी प्रकार ग्राम डैनिहा के बाबूलाल रजक के संबल कार्ड में नाम सुधार की कार्यवाही पूर्ण कर दी गई, जो लंबे समय से लंबित थी। इसके अलावा ग्राम गेंदुरा में शासकीय हैंडपंप को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर आमजन के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से लोगों को राहत पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा करें, समय-सीमा का कड़ाई से पालन करें और निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, ताकि आम नागरिकों का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की सीधी संवाद प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, जिससे न केवल कार्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।


