सोमनाथ स्वाभिमान महापर्व भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: दिलीप पांडे
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
सोमनाथ भारत की आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय अस्मिता का सशक्त केंद्र है। यह मंदिर केवल एक ज्योतिर्लिंग नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक निरंतरता का जीवंत प्रतीक है। इतिहास के कठिन दौर में सोमनाथ पर हुए आघात को केवल एक मंदिर का ध्वंस नहीं माना जा सकता, बल्कि वह भारतीय चेतना पर चोट थी। इसके बावजूद देश ने पुनर्निर्माण और स्वाभिमान की राह चुनी, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयास आज भी प्रेरणा देते हैं।
भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिला अध्यक्ष दिलीप पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ स्वाभिमान महापर्व का आयोजन देश की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यह पर्व हमें अपनी आस्था, विरासत और तीर्थ स्थलों के संरक्षण की जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भाव और दृष्टि प्रत्येक भारतीय तक पहुंचनी चाहिए, ताकि हम अपने-अपने क्षेत्र की धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
दिलीप पांडे ने जिले के सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के देवालयों में जाकर पूजन, आराधना और सहभागिता के माध्यम से इस महापर्व में शामिल हों। उन्होंने समरसता, एकजुटता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए हर नागरिक का योगदान आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्म और आस्था भारतीय संस्कृति की पहचान रही है। प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलते हुए हम भारत को समृद्धि और वैभव की ओर ले जा सकते हैं। सोमनाथ स्वाभिमान महापर्व केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे भारत के देवालयों और श्रद्धा केंद्रों के स्वाभिमान को समर्पित एक राष्ट्रीय आह्वान है।
